चंबा। एतिहासिक मिंजर मेले में बाहरी राज्यों के व्यापारी लाखों का कारोबार करते हैं, वहीं चंबा के स्वयं सहायता समूह खुद के लिए मिंजर मेले में स्टॉल लगाने को भी तरस रहे हैं।
इससे पहले चौगान नंबर दो में मिंजर मेले के दौरान सरस मेले में उन्हें स्टॉल लगाने की अनुमति मिलती थी, लेकिन इस बार सरस मेला नहीं होने के कारण इन स्वयं सहायता समूहों को स्टॉल लगाने के लिए जगह नहीं मिल रही है। स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि चौगान नंबर दो में जहां तह बाजारी कमेटी की जगह है, वहां उन्हें अपने स्टॉल लगाने की अनुमति दी जाए। इससे चंबा के स्वरोजगारों को रोजगार सुदृढ़ करने का अवसर मिलेगा, वहीं अपने उत्पादों को प्रदेश और जिला में पहुंचाने का अच्छा साधन भी नसीब होगा। मिंजर मेले में जिले के हर कोने से लोग खरीदारी करने आते हैं। मेले को देखने के लिए प्रदेश भर से लोग पहुंचते हैं। ऐसे में जिला चंबा के स्वयं सहायता समूहों को दो नंबर चौगान में स्टॉल लगाने की अनुमति दी जाए। इसके लिए स्वयं सहायता समूह खंड विकास अधिकारी से गुहार लगा रहे हैं। नगर परिषद के अधीन करीब 50 स्वयं सहायता समूह पंजीकृत हैं। इतनी संख्या में डीआरडीए में भी पंजीकृत हैं। हर विकास खंड में दर्जनों की संख्या में स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं। इन्हें मिंजर मेले में मंच नहीं मिल पाता।