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जिले में बढ़ने लगे स्क्रब टायफस के मामले

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चंबा। जिले में स्क्रब टायफस के मरीजों का आंकड़ा 29 पहुंच गया है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। हालांकि, अधिकांश मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में दो मरीज उपचाराधीन हैं।
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पिछले सप्ताह मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस के छह मरीज भर्ती हुए थे जो इलाज के बाद अपने घर जा चुके हैं। दो दिन पहले दो अन्य मरीज स्क्रब टायफस की चपेट में आने से अस्पताल में भर्ती हुए हैं जिनका उपचार अस्पताल की चौथी मंजिल में चल रहा है। उनके इलाज के लिए अस्पताल प्रबंधन ने विशेष व्यवस्था की है। चिकित्सक दोनों समय इन मरीजों पर निगरानी रख रहे हैं। उनकी स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए वार्ड के स्टाफ को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में घास काटने का सीजन शुरू होने से स्क्रब टायफस के मरीजों में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य संस्थानों में स्क्रब टायफस की जांच किट के साथ सभी जरूरी दवाइयां मुहैया करवा दी गई हैं। साथ ही ग्रामीणों को स्क्रब टायफस के बारे में जागरूक किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों घास काटने का कार्य जोरों पर चला हुआ है। ग्रामीण अपने मवेशियों के चारे के लिए सर्दियों का घास का कोटा जमा करने में लगे हैं।
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घास में एक विशेष प्रकार का पिस्सू पलता है जिसके काटने से स्क्रब टायफस जैसी बीमारी हो सकती है। ग्रामीण घास काटते समय सुरक्षा का ध्यान नहीं रखते। नंगे हाथों दराटी से घास काटते रहते हैं। उसी दौरान घास में पलने वाला पिस्सू ग्रामीणों को काट लेता है जिससे उन्हें तेज बुखार हो जाता है। इसके साथ ही सिरदर्द, खांसी, मांसपेशियों में दर्द और शरीर में कमजोरी भी आने लगती है जो स्क्रब टायफस के लक्षण हैं।
कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि स्क्रब टायफस के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में पूर्ण व्यवस्था की गई है। मौजूदा समय में अस्पताल में दो मरीज उपचाराधीन हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घास काटते समय हाथ में दस्ताने पहनें।
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