चंबा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सभागार में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन की विशेष मासिक बैठक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जालम भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई। बताया कि दो अक्तूबर को गांधी जयंती पर जिले के 32 पंचायत प्रधानों को उपायुक्त ने टीबी मुक्त पंचायत के प्रमाणपत्र दिए थे।
उन्होंने सभी ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों को टीबी अधिसूचना, उपचार सफलता दर में सुधार, टीबी रोगी के इलाज के दौरान मासिक आधार पर जोखिम मूल्यांकन करना, टीबी रोगियों का निक्षय पोषय योजना का नियमित समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए। उन्हें उपचार के दौरान उचित पोषण आहार लेने की सलाह दी गई। बताया कि टीबी रोग का उपचार 100 प्रतिशत संभव है तथा रोगी को टीबी रोधी दवाओं के डॉट्स सेवन के 6 माह बाद ठीक किया जा सकता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर हरित पुरी ने बताया कि 22 अक्तूबर से दस दिन तक टीबी की जांच अनाथालय, नारी निकेतन और वृद्ध आश्रम में होनी है। संवेदनशील जनसंख्या में सौ दिन तक टीबी के लिए स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाना है। यह 16 से 21 नवंबर के बीच होगा। इसमें पूरे जिले की मैपिंग होनी है। इसमें 60 साल से अधिक के लोग, पहले टीबी से ठीक हुए लोग, शुगर तथा धूम्रपान करने वाले लोगों की जांच की जाएगी ।
बैठक में बताया कि वर्तमान में जिले में 1096 टीबी रोगी अधिसूचित हो चुके हैं। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोई भी व्यक्ति (कर्मचारी, समाज के नेता, व्यवसायी) या संगठन आगे आकर टीबी रोगियों को गोद ले सकता है। उनके उपचार के दौरान 6 महीने तक उन्हें पोषण संबंधी सहायता दे सकता है।