होली (चंबा)। कबायली क्षेत्र होली के तहत मिडल स्कूल सियूर की सुध लेना शासन-प्रशासन और विभाग पूरी तरह से भूल चुका है। वर्ष 2006 में प्राथमिक पाठशाला सियूर को स्तरोन्नत कर मिडल स्कूल बनाया गया था। विद्यालय के अपग्रेड होने के 16 वर्ष बाद भी आज तक अपना भवन तक नसीब नहीं हो पाया है। किराये के कमरों का बिजली बिल अदा न होने से कई माह से अंधेरे में ही विद्यार्थी पढ़ने के लिए विवश हैं। विद्यालय में शिक्षारत 50 विद्यार्थियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
जनजातीय क्षेत्र होली में बेहतरीन शिक्षा प्रदान करने के दावे हवा हवाई ही प्रतीत हो रहे हैं। विद्यालय को आज तलक अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है। नौवीं कक्षा बरामदे में चल रही है। प्राथमिक पाठशाला सियूर के दो कमरों सहित किराये के तीन कमरों में बच्चे पढ़ने के लिए मजबूर हैं। किराये के कमरों का बिजली बिल कई माह से न देने से अंधेरे में ही विद्यार्थी पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
ग्रामीणों नरेश कुमार, प्रमोद कुमार, कपिल कुमार, संजीव कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग और स्थानीय नेताओं की लापरवाही का खामियाजा नौनिहालों को भुगतना पड़ रहा है।
शिक्षा विभाग के उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क ने बताया कि विद्यालय के भवन निर्माण को लेकर संबंधित प्रभारी से जानकारी मांगी जाएगी।