चंबा। शहर में सेटेलाइट सर्वे के जरिये संपत्ति की पैमाइश की जाएगी। इसके बाद नए सिरे से हाउस टैक्स की दरें निर्धारित की जाएंगी। नगर परिषद चंबा में सर्वे के लिए आखिरकार इंतजार खत्म हो गया है। आगामी सप्ताह सर्वे के लिए टीम चंबा पहुंचेगी। इस संदर्भ में शहरी विकास निदेशालय शिमला की ओर से नगर परिषद को पत्र जारी किया गया है। इसके बाद नए सिरे से गृह कर के सर्वे की प्रकिया आरंभ होगी। यह सर्वे संपत्ति के हिसाब से किए जाएंगे। इस दौरान वार्ड पार्षद और घर का एक सदस्य भी शामिल रहेगा। 11 वार्डों में हाउस टैक्स के सर्वे के लिए लगभग तीन माह का समय लगेगा। इसके लिए नगर परिषद 14 लाख रुपये खर्च करेगी।
जानकारी के अनुसार शहरवासियों के लिए हाउस टैक्स को लेकर सर्वे वर्ष 2018-19 में हुआ था। इस दौरान सर्वे करने के लिए कंपनी ने खानापूर्ति की। जहां मृत गृह मालिकों के नाम से सर्वे करके चले गए तो वहीं, समय पर भी इसकी रिपोर्ट तैयार नहीं की गई। नगर परिषद ने पत्राचार के माध्यम से रिपोर्ट मंगवाई। इसके बाद हुए सर्वे के आधार पर गृह कर तय किया गया लेकिन यह राशि काफी ज्यादा अधिक बनी। जहां लोगों ने इसका विरोध किया तो वहीं, नगर परिषद चंबा के पार्षदों ने भी इस सर्वे को खारिज कर दोबारा करवाने के लिए प्रयास शुरू किए। बहरहाल, अब सर्वे को लेकर इंतजार खत्म होता दिख रहा है।
शहर के 11 वार्डों में करीब 4,500 मकान
नगर परिषद के तहत आते चौगान, हरदासपुरा, सुल्तानपुर, धड़ोग, सुराड़ा, सपड़ी, जनसाली, हटनाला, चौंतड़ा, जुलाहकड़ी और कसाकड़ा वार्डों में लगभग 4,500 मकान हैं जिनका सर्वे किया जाएगा। सर्वे के बाद करीब छह माह की अवधि के भीतर हाउस टैक्स की नई दरें तय की जाएंगी।
नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैयर ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि निदेशालय की ओर से पत्र जारी किया गया है। कहा कि आगामी सप्ताह टीम पहुंचेगी और सर्वे शुरू किया जाएगा।