चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में नियमों को ताक पर रखकर निजी लैब संचालक वार्डों में घुसकर मरीजों के सैंपल ले रहे हैं। जबकि कोई भी निजी लैब संचालक अस्पताल में उपचाराधीन मरीज का सैंपल वार्ड में जाकर स्वयं नहीं ले सकता।
स्टाफ नर्स मरीज का सैंपल लेकर तीमारदार को जांच करवाने के लिए दे सकती है लेकिन मेडिकल कॉलेज में निजी लैब संचालक किसी को बताए बिना वार्डों में घुसकर मरीजों के सैंपल ले रहे हैं। इतना ही नहीं उपचाराधीन मरीजों का जो टेस्ट सरकारी लैब में मुफ्त में हो चुका होता है, उसी टेस्ट को लैब संचालक अपनी लैबों में दोबारा कर रहे हैं। इससे मरीजों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हैरानी इस बात की है कि इस कारगुजारी को रोकने के लिए प्रबंधन कोई कदम नहीं उठा रहा है। इसका खामियाजा आम मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। तीमारदारों सनी कुमार, हंसराज, केवल, सुनील कुमार, रवि कुमार और सोभिया राम ने बताया कि सरकारी अस्पताल में पहले तो निजी लैब से मरीजों का टेस्ट होना ही नहीं चाहिए क्योंकि जो मरीज अस्पताल में भर्ती होता है उसके संपूर्ण इलाज का दायित्व अस्पताल का रहता है। सरकारी लैब होने के बावजूद मरीजों का सैंपल लेने के लिए निजी लैब वाले वार्डों में पहुंच रहे हैं जहां पर मरीजों से जांच करने के बदले में मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और प्रबंधन से मांग की है कि वार्डों में उपचाराधीन मरीजों के टेस्ट सरकारी लैब में ही किए जाएं। चिकित्सा उप अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला अभी लाया गया है। इसको लेकर तफ्तीश करके उचित कार्रवाई की जाएगी।