चंबा। जम्मू-कश्मीर, चंबा और लाहौल-स्पीति में पुलिस जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले स्पेशल पुलिस अधिकारी के वेतनमान में जमीन-आसमान का अंतर है।
सीमांत क्षेत्रों, पुलिस चौकियों, चेकपोस्ट पर ये स्पेशल पुलिस अधिकारी अन्य पुलिस जवानों के साथ 48 घंटे ड्यूटी के लिए तैनात रहते हैं। चंबा और लाहौल-स्पीति में तैनात इन एसपीओ को केंद्र से 6 हजार रुपये, जबकि प्रदेश सरकार से 2900 रुपये वेतनमान के रूप में मिलते हैं। जम्मू-कश्मीर में तैनात एसपीओ को केंद्र सरकार से 18 हजार रुपये वेतनमान के रूप में दिए जा रहे हैं। ऐसे में सीमांत समेत अन्य जगहों पर सेवाएं देने वाले एसपीओ खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। लिहाजा, 26 वर्षो से कार्यरत एसपीओ ने अब उन्हें भी जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर 18 हजार रुपये वेतनमान प्रदान करने को लेकर आवाज बुलंद की है।
एसपीओ वेल्फेयर एसोसिएशन चंबा के अध्यक्ष नरैण सिंह जरयाल, उपाध्यक्ष देसराज भारवी, सचिव कमलेश कुमार राणा और कोषाध्यक्ष संजय ठाकुर ने बताया कि 26 वर्षों से एसपीओ पड़ोसी राज्य जम्मू के साथ लगते सीमांत क्षेत्रों में तेज धूप और बर्फबारी के दौरान भी डटे रहते हैं। हालांकि, सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा चौकियों में सर्वप्रथम पंजाब पुलिस, आईटीबीपी, हिमाचल प्रदेश पुलिस बटालियन के जवानों के साथ पुलिस थाना किहार, खैरी, पांगी, तीसा में थानों, फॉरेस्ट चौकियों, चेकपोस्ट समेत कंपनी हेड क्वार्टरों में सेवाएं देते आ रहे हैं। जो कार्य वे चंबा और लाहौल-स्पीति के सीमांत क्षेत्रों में कर रहे हैं, वहीं कार्य जम्मू-कश्मीर में भी कर रहे हैं। बावजूद इसके उनके वेतनमान में जमीन-आसमान का अंतर है। एसपीओ ने सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज के जरिये केंद्र सरकार से चंबा और लाहौल-स्पीति के एसपीओ को जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर ही वेतनमान देने को लेकर आवाज उठाई है।