भरमौर (चंबा)। विधानसभा क्षेत्र भरमौर के तहत आती राजकीय उच्च पाठशाला सैली में 23 वर्षों से विद्यार्थियों की पढ़ाई किराये के भवन में चल रही है। किराये के तीन कमरों में से एक कमरा मिड-मील के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। दूसरे कमरे में स्टाफ रूम है जबकि तीसरे कमरे में ही 34 विद्यार्थियों को पढ़ाना अध्यापकों के लिए मुश्किल हो रहा है। अभिभावकों की मानें तो प्रदेश सरकार ने स्कूल तो खोल दिया लेकिन भवन की व्यवस्था के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाए गए हैं। इसका खामियाजा तीन से चार किलोमीटर का सफर तय कर पैदल आने वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। हैरानी की बात है कि इतना अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्कूल के लिए भवन का निर्माण तक नहीं हो पाया है। इससे अभिभावकों को भी अपने बच्चों की चिंता सताने लगी है।
अभिभावकों सुनील कुमार, योग राज, सुनील कुमार, सुनीता देवी, आंचल देवी और मीना देवी का कहना है कि उच्च पाठशाला किराये के भवन में चलाई जा रही है। विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण गर्मी में अक्सर धूप में खुले आसमान तले ही पढ़ाई करनी पड़ती है। बरसात के दिनों तो विद्यार्थियों को एक साथ पढ़ाना अध्यापकों के लिए मुश्किल हो जाता है। स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से लिखित प्रस्ताव पारित कर शिक्षा विभाग को भेजा गया है। इसके बाद स्कूल भवन का कार्य शुरू तो हुआ है लेकिन एक माह से कार्य अधर में लटका है।
स्कूल प्रभारी घनश्याम ने बताया कि स्कूल का अपना भवन न होने से बच्चों को पढ़ाने में दिक्कत हो रही है। बहरहाल, विभाग को इसके बारे में अवगत करवाया गया है।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि सैली स्कूल के लिए भवन का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया है। जल्द विद्यार्थियों को अपना स्कूल भवन नसीब होगा।