चुराह (चंबा)। ग्राम पंचायत चांजू और देहरा में स्वास्थ्य केंद्र का अभाव ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ा रहा है। स्वास्थ्य केंद्र के अभाव में अचानक बीमार होने पर लोगों को सर्दी-जुकाम और खांसी की दवाई लेने के लिए सात किलोमीटर का सफर तय कर बघेईगढ़ का रुख करना पड़ रहा है। उन्हें गंभीर बीमारी होने पर 100 किलोमीटर का सफर तयकर मेडिकल कॉलेज चंबा का रुख करना पड़ता है। इससे उनकी जेबों पर खूब कैंची चल रही है। चांजू और देहरा पंचायतों में सरकार के घर-द्वार स्वास्थ्य लाभ देने के दावों की पोल खुल रही है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जखला गांव में स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग की है जिससे लोगों को उपचार के लिए भटकना न पड़े।
गौरतलब है कि चुराह उपमंडल के तहत चांजू और देहरा पंचायतों के बाशिंदों को आजादी के 75 वर्ष बाद भी घर-द्वार स्वास्थ्य लाभ की सहूलियत नहीं मिल पाई है। ग्राम पंचायत चांजू के जखला, चीह, खल्ली, पधर, लुनेख, बडडोल, डुलयारा, डाका, पथवाल, मुंडोला, स्वाला समेत चार दर्जन गांवों की 5,000 आबादी को बीमार होने पर इलाज करवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बघेईगढ़ या मेडिकल कॉलेज चंबा का रुख करना पड़ता है।
ग्रामीणों बैली राम, दिनेश कुमार, लेख राज, मोती राम, शेर सिंह आदि ने बताया कि क्षेत्र में वाहन दुर्घटना में चोटिल होने वाले लोगों को स्वास्थ्य लाभ के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बघेईगढ़ में पहुंचाना पड़ता है। कई बार घायल व्यक्ति अस्पताल का मुंह देखने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। कहा कि जखला गांव में स्वास्थ्य केंद्र होने से दो पंचायतों की 5,000 आबादी को लाभ मिलेगा।
बीएमओ डॉ. ऋषि पुरी ने बताया कि जखला में स्वास्थ्य केंद्र खोलने को लेकर पंचायत प्रबंधन को प्रस्ताव पारित कर देना होगा। प्रस्ताव को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में भेजा जाएगा। इसके बाद सरकार ही इसके बारे में अंतिम निर्णय लेगी।