चंबा। मौसम विभाग के यलो अलर्ट के पूर्वानुमान के बीच जिले में जमकर मेघ बरसे हैं। भारी बारिश से जिले में दो सड़कें, एक पेयजल योजना और एक ट्रांसफार्मर बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं, जिले की ऊपरी चोटियों में 12.07 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी हुई है। बारिश और बर्फबारी के चलते समस्त जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। लोग बारिश के दौरान अपने घरों से बाहर तक नहीं निकल पाए। कुल मिला कर अप्रैल में बरसने वाले बादलों ने लोगों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।
गौरतलब है कि चंबा-तीसा वाया साच पास मार्ग बर्फबारी के चलते अभी तक यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाया है। सड़क के बाधित होने के कारण पांगीवासियों को वाया जम्मू या कुल्लू होकर ही जिला मुख्यालय चंबा पहुंचना पड़ रहा है। भारी बारिश के चलते सलूणी उपमंडल में यातायात व्यवस्था ठप पड़ गई। सड़क के बंद होने से लोगों को पैदल ही क्षेत्र में आवाजाही करनी पड़ी। वहीं, भरमौर उपमंडल में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने के 24 घंटे के बाद भी लोगों को पानी नसीब नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की आपूर्ति बहाल न होने से महिलाओं का अधिकांश समय पानी ढोने में ही व्यतीत हो रहा है। उधर, भटियात परिक्षेत्र में दो दिन से बिजली का ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है। इससे दर्जन भर गांवों के लोगों को अंधेरे में ही रातें गुजारनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली बिलों की अदायगी समय पर न होने पर बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी बिजली कनेक्शन काटने की बात कहते हैं लेकिन दो दिन से बंद पड़ी बिजली सप्लाई को सुचारु करने की बोर्ड प्रबंधन की ओर से जहमत तक नहीं उठाई गई है।
जिले के मणिमहेश कैलाश, कुगति, चौबिया, खपरांस, बडग्रांम, घटौर, क्वारसी आदि जोतों समेत सलूणी उपमंडल के किहार की ऊपरी चोटियों गढ़ माता, चोंडी की घोड़ी, सौणतीथ, गुल्लू की मंडी, धार मंदराला, मराली धार और फैजाल में चोटियों पर 12.07 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी हुई है। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनने के लिए मजबूर हो गए हैं।
शहर में मूसलाधार बारिश ने नगर परिषद चंबा की पोल भी खोल कर रख दी। बारिश के चलते शहर की निकासी नालियों के ओवरफ्लो होने से गंदगी शहर की सड़कों पर बहने लगी। इससे यहां से होकर आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।