आजादी के 77 साल बाद पथवाल गांव में सड़क पहुंचने पर जेसीबी चालक को मालाएं पहना कर सम्मानित करते
चुराह (चंबा)। उपमंडल चुराह की चांजू पंचायत के दुर्गम गांव तक सड़क पहुंचते ही लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शनिवार को सड़क बनाते हुए जेसीबी मशीन गांव में पहुंची तो ग्रामीणों ने ऑपरेटर को फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही ग्रामीणों ने डीजे लगाकर अपनी खुशी का इजहार भी किया।
उपमंडल की चांजू पंचायत के पथवाल, मुंडोला, जेरा और बतांनका जैसे दुर्गम गांव के लोगों का सड़क का सपना शनिवार को हकीकत में बदल गया है। आजादी के 77 साल बाद पथवाल गांव में सड़क पहुंची। यह सड़क पंजायत के मुंडोला, जेरा और बतांनका जैसे दुर्गम गांवों को भी जोड़ती है। लंबे समय से लोग सड़क सुविधा की मांग कर रहे थे। जो शनिवार को जाकर पूरी हुई।
पहली बार गांव के सड़क सुविधा से जुड़ने पर लोगों ने जेसीबी ऑपरेटर को फूल माला पहनाकर सम्मानित किया। साथ ही डीजे लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया। स्थानीय लोगों में राजीव कुमार, नरेश कुमार, मनोहर लाल, रविंद्र कुमार और सुरेश कुमार ने बताया कि यह सड़क उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र के विकास के नए रास्ते भी खोलेगी।
उन्होंने कहा कि वर्षों से खराब पैदल रास्तों और सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती थी। मगर अब लोक निर्माण विभाग की गांव तक सड़क पहुंचा दी है। इससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
एसडीएम चुराह अंकुर ठाकुर ने बताया कि ग्रामीणों की लंबी समय से चली आ रही सड़क निर्माण की मांग पूरी होने से उन्हें लाभ मिलेगा।