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मेडिकल कॉलेज में पहली बार हुई रिविजन हिप सर्जरी

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चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में हड्डी रोग विशेषज्ञों ने रिविजन हिप सर्जरी (कूल्हा प्रत्यारोपण) का पहला ऑपरेशन करके मिसाल पेश की है। चंबा से संबंधित महिला मरीज सात माह के बाद अपनी टांगों पर खड़ी हो पाएगी। हालांकि, महिला ने लाखों रुपये खर्च करके बाहरी राज्य के एक स्वास्थ्य संस्थान में कूल्हे का ऑपरेशन करवाया था लेकिन कुछ दिन के बाद उसे दिक्कत हो गई।
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इसके चलते वह ऑपरेशन के बाद भी बिस्तर पर लेटने के लिए मजबूर हो गई। जब महिला के परिजन उसे चंबा मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में लेकर पहुंचे तो विशेषज्ञ ने उन्हें दोबारा ऑपरेशन करवाने की सलाह दी। साथ ही उनका कूल्हा बदलने के लिए कहा। परिजनों ने विशेषज्ञ के परामर्श पर अपनी सहमति जताई और ऑपरेशन करवाने के लिए हामी भरी। बुधवार को दो घंटे तक चले ऑपरेशन को हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मानिक सहगल की अगुवाई में अंजाम दिया गया।
सात माह के बाद महिला अब अपनी टांगों पर खड़ी हो सकेंगी। जिले में कई ऐसे मरीज हैं जो कूल्हे सहित घुटनों की बीमारी से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों के लिए यह खबर राहत देगी क्योंकि उन मरीजों को अपने इलाज के लिए जिले के बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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मेडिकल कॉलेज के हड्डी विशेषज्ञ इससे पहले भी रीढ़ की हड्डी, घुटना बदलने सहित कूल्हे के कई ऑपरेशन कर चुके हैं। इससे पहले जिले के मरीजों को चंबा अस्पताल में ये सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं। इतना ही नहीं, कई ऐसे मरीजों के भी ऑपरेशन किए गए जिनकी एक टांग लंबी तो दूसरी छोटी थी। अब वे लोग सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में सर्जन डॉ. मानिक सहगल, सहायक चिकित्सक डॉ. गुरजंत सिंह संधू, विभागाध्यक्ष डॉ. सुभाष चंद, डॉ. राकेश वर्मा, एनेस्थीसिया डॉ. सलोनी सूद, डॉ. विवेक, डॉ. विपिन, डॉ. नितिक्षा, डॉ. गरिमा, डॉ. अकांक्षा, ओटीए रमेश ठाकुर सहित अन्य शामिल रहे।
प्राचार्य डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि हड्डी रोग विभाग बेहतरीन कार्य कर रहा है। चिकित्सकों ने मरीज का कूल्हा बदलकर उसे नई जिंदगी दी है। इसके लिए उन्होंने विभाग के सभी चिकित्सकों और अन्य स्टाफ को बधाई दी है।
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