चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में पीलिया से पीड़ित आठ बच्चों को उपचार के लिए भर्ती करवाया गया है। अस्पताल की दूसरी मंजिल में इन बच्चों के इलाज की व्यवस्था की गई है। बच्चों को पीलिया होने का कारण दूषित पानी माना जा रहा है क्योंकि, बरसात के मौसम में कई बार पीने का पानी मटमैला रहता है। इसे पीने से बच्चे और वयस्क जल जनित रोगों की चपेट में आ सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग जिले के लोगों को पिछले कई दिन से जागरूक कर रहा है कि बरसात के मौसम में पीने के लिए पानी उबाल कर इस्तेमाल करें। पिछले माह अस्पताल में जलजनित रोगों से पीड़ित मरीजों की भरमार थी क्योंकि जिले में बारिश ने कहर मचा रखा था। पेयजल स्रोतों के पास भूस्खलन होने से मिट्टी पानी में मिल रही थी। सड़कों के किनारे बनीं निकासी नालियों का पानी भी लीकेज पाइपों से होकर लोगों के घरों में पहुंच रहा था। इसे पीने से लोग बीमार हो रहे थे।
बरसात थमने के साथ ही ऐसे मरीजों की संख्या में कमी आई है लेकिन अब छोटे बच्चे पीलिया के शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो 14 से लेकर 22 सितंबर तक आठ बच्चे पीलिया के शिकार हुए हैं जिनका उपचार मेडिकल कॉलेज चंबा में चल रहा है।
कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि पीलिया से पीड़ित आठ बच्चों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को बरसात में पीने के लिए पानी उबाल कर ही दें।