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Chamba News: नप के लिए गले की फांस बन गई गृहकर की वसूली, एक करोड़ रुपये की राशि फंसी

Fri, 17 May 2024 10:20 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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चंबा। शहरवासियों से गृहकर वसूलना नगर परिषद के लिए गले की फांस बन गया है।
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शहर के 11 वार्डों में करीब 3500 उपभोक्ताओं के पास नगर परिषद के लगभग एक करोड़ रुपये गृहकर के रूप में फंसे हैं। कुछ उपभोक्ताओं के पास 10 हजार तो कइयों के पास 50 रुपये तक गृहकर के रूप में नगर परिषद की राशि लंबित है। वहीं, नगर परिषद की ओर से गृहकर को लेकर दो साल से बिल भी जारी नहीं किए जा रहे हैं।
ऐसे में कुछ उपभोक्ता तो बिल जमा करवा रहे हैं, जबकि कई उपभोक्ता बिल जमा नहीं करवा रहे हैं। ऐसे में नगर परिषद काफी घाटे में जा रही है। हालांकि, नगर परिषद अब सर्वे होने के बाद नए रजिस्टर बनने के बाद ही गृहकर की लंबित राशि वसूल करने की बात कह रही है। दूसरी ओर, गृहकर को लेकर शहर का सर्वे करवाने का काम आचार संहिता प्रभावी होने के कारण लटक गया है। शहर के कई मकान मालिक अपने मकान किराये पर देकर खुद शहर से बाहर बसे हैं। नगर परिषद का कहना है कि 3500 उपभोक्ताओं के पास जितना भी पेंडिंग गृहकर है। सर्वे के दौरान उनसे लिया जाएगा। उपभोक्ता एक साथ सारा पेंडिंग गृहकर दे सकता है। या किस्तों में भी भुगतान कर सकता है। शहर के लोगों में राज महाजन, अशोक शर्मा, मनोज राणा, साहिल शर्मा, महेश गुप्ता, प्रदीप कुमार का कहना है कि नगर परिषद की ओर से दो सालों से बिल नहीं भेजा है। इस कारण उन्हें जानकारी नहीं है कि उनका गृहकर कितना है। कहा कि अब एक साथ हाउस टैक्स कैसे दे पाएंगे।
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गौरतलब हैं नगर परिषद चंबा शहर के 11 वार्डों के लगभग 5 हजार मकान मालिकों से गृहकर वसूलती है। कइयों का साल में पांच हजार तो कुछ उपभोक्ताओं का दो हजार रुपये गृहकर बनता है। शहर के लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की ओर से गृहकर को लेकर करवाया गया सर्वे सही नहीं था। इस कारण लोगों ने इसका विरोध भी किया था। इसके बाद दोबारा सर्वे करवाने की बात कही गई, लेकिन यह मामला अधर में लटक गया।
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नया सर्वे नहीं हो पाने के कारण नगर परिषद पुरानी तय दरों के आधार पर ही हाउस टैक्स जमा करवाने की अपील कर रही है, लेकिन लोग इसमें ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। लोगों ने कहा कि नगर परिषद गृहकर को लेकर बिल भी जारी नहीं कर रही है। नगर परिषद की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि दोबारा सर्वे होने के बाद ही लंबित राशि वसूल की जाएगी। वहीं, रजिस्टर भी दोबारा बनाए जाएंगे। नगर परिषद के दायरे में चौगान, धड़ोग, कसाकड़ा, चौंतडा, सपड़ी, सुराडा, सुल्तानपुर, हरदासपुरा, जुलाहकड़ी, जनसाली और हटनाला वार्ड आते हैं। उधर, नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि एक साल से लंबित राशि उपभोक्ताओं से वसूल की जानी है। अब सर्वे होने के बाद नए रजिस्टर बनने पर ही गृहकर वसूला जाएगा। हालांकि, कुछ उपभोक्ता गृहकर जमा करवा रहे हैं।
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