चंबा। आरडी की अवधि पूरी होने के बाद भी लाभार्थी को उसकी राशि न देना कंपनी को महंगा पड़ गया है। जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला/चंबा ने कंपनी को दो लाख रुपये की राशि 11 प्रतिशत ब्याज सहित शिकायतकर्ता को लौटाने के आदेश दिए हैं। इसके अतिरिक्त मानसिक उत्पीड़न के चलते 50,000 रुपये मुआवजा भी अदा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार रियल रेज निधि लिमिटेड के आग्रह पर शिकायतकर्ता भाविंद्रा कुमारी ने 6 अप्रैल 2017 से 6 मार्च 2022 तक पांच साल के लिए अपना आरडी का खाता खोला। पांच साल तक नियमित तौर पर आरडी की किस्तें जमा करवाईं। इसके तहत उसे आरडी प्रमाण पत्र भी जारी किया गया। आरडी की अवधि पूरी हुई तो उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों को अवगत करवाने पर उन्हें 574632 संख्या का चेक जारी किया गया।
जब शिकायतकर्ता बैंक गई तो उसे बताया गया कि चेक पर रद्द शब्द अंकित है। लिहाजा वह चेक बैंक में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। दो से तीन माह बाद शिकायतकर्ता ने कंपनी कर्मचारियों से संपर्क किया, लेकिन वे टाल-मटोल कर टालते रहे। इतना ही नहीं, उन्होंने मूल जमा प्रमाणपत्र भी अपने पास रख लिया। कहीं से भी न्याय न मिलता देख पीड़िता ने जिला उपभोक्ता आयोग धर्मशाला/चंबा केस दायर किया गया। इसके तहत अब आयोग के अध्यक्ष हिमांशु मिश्रा की अदालत ने कंपनी को प्रभावित को ब्याज सहित रकम अदा करने का फरमान सुनाया है।