चंबा में राज मुशाहरा लेकर जाते लोग।संवाद
चंबा। जिलेभर में लोहड़ी और मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बैंड-बाजे के साथ राज मुशहरा (मशाल) को पूरे शहर में घुमाकर परंपरा निभाई गई। लोगों ने पूजा-अर्चना कर परिवार के सुख और समृद्धि की कामना की।
शहर चंबा में रियासतकाल से राज मुशहरा (मशाल) घुमाने की परंपरा चल रही है। मान्यता है कि बुरी शक्तियों के खात्मे के लिए मशाल को पूरे शहर के चौराहों में घुमाया जाता है। राज मुशहरा में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। मंगलवार रात 11 बजे राजमढ़ी सुराड़ा से 17 फीट लंबे लकड़ियों से बनाए गए राज मुशहरे को युवाओं की टोली उठाकर बैंड-बाजे के साथ रवाना हुई। इस दौरान बनगोटू स्थित रामलीला मंदिर के समक्ष परंपरा के तहत बनगोटू मढ़ी और राज मुशहरा के मध्य में झड़प हुई। इस ठाकुर मुशहरा उठाए युवाओं को हल्की चोटें भी लगी है। वहीं, खरूड़ा मोहल्ला में भी मुशहरा की झड़प हुई।