चुवाड़ी (चंबा)। जिले में भारी बारिश ने कहर बरपा दिया। बताया जा रहा है कि उपमंडल भटियात और डलहौजी में वर्ष 1995 में हुई त्रास्दी से बड़ी त्रास्दी हुई है। ग्राम पंचायत बनेट के गांव चुड़ाना में रात 2:00 बजे के करीब भूस्खलन की चपेट में एक कच्चा मकान आ गया। इस दौरान मकान के भीतर सो रहे चमारू राम (42) पुत्र धर्मो राम, मीना देवी (38) पत्नी चमारू राम और उनके 11 वर्षीय बेटे अजय कुमार की मलबे में दबने से मौत हो गई।
मकान गिरने की जोरदार आवाज से ग्रामीण सहम उठे। उन्होंने बाहर जाकर धर्मो राम का मकान देखा तो उनके मुंह से चीखें निकल गईं। उन्होंने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच कर रात को ही रेस्क्यू अभियान अपने स्तर पर शुरू कर दिया लेकिन टनों के हिसाब से गिरे मलबे से क्षतिग्रस्त हो चुके मकान के भीतर से शवों को तलाशना उनके लिए टेढ़ी खीर साबित हुआ। शनिवार सुबह पूर्व वार्ड पंच गंधर्व सिंह ने शासन-प्रशासन को घटना की सूचना दी। उसके बाद अग्निशमन विभाग के जवानों, पुलिस कर्मचारियों सहित राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से जवानों ने शवों को तलाशने का काम शुरू किया। सुबह 11:00 बजे मृतकों के शव मिट्टी में दबे मिले। मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की टीमों ने मृतकों का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपे। इस दर्द विदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को तीस हजार रुपये फौरी राहत प्रदान की गई।
शनिवार को जिलेभर में एनएच 153ए सहित 100 सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही। वहीं, जिले में विद्युत बोर्ड के 290 ट्रांसफार्मर और जल शक्ति विभाग की 75 स्कीमें भारी बारिश के कारण प्रभावित हुए। सड़कें बंद होने की वजह से लोगों को मीलों पैदल चलकर अपने गंतव्यों तक पहुंचना पड़ा। रायपुर में श्याम कुमार, जीवन कुमार, राज कुमार के मकानों को नाले में आए भारी जल प्रवाह से काफी नुकसान हुआ है।
भारी बारिश से विस क्षेत्र चुवाड़ी के मुख्य मार्ग चुवाड़ी-नूरपुर, चुवाड़ी-सिहुंता, चुवाड़ी-ककीरा सहित 79 पंचायतों के लिए बनाए गए संपर्क मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। इसके चलते भटियात में दैनिक उपयोग की वस्तुएं अंडा, दूध, ब्रेड, फल, सब्जियां और समाचार पत्र तक नहीं पहुंच पाए।
अंधेरे में डूबा रहा भटियात
भारी बारिश के बाद शुक्रवार आधी रात 12:00 बजे विधानसभा क्षेत्र भटियात में ब्लैकआउट हो गया। बोर्ड कर्मियों ने तत्परता से कार्य करते हुए चुवाड़ी बाजार में रात को ही बिजली बहाल कर दी जबकि कई क्षेत्रों में 15 घंटों के बाद शनिवार 3:00 बजे बिजली बहाल हो पाई। खबर लिखे जाने तक कई क्षेत्र अंधेरे में ही डूबे हुए थे।
रास्ते में फंसे मणिमहेश के श्रद्धालु
कांगड़ा जिले से पवित्र मणिमहेश यात्रा पर निकले 35 श्रद्धालुओं का जत्था चुवाड़ी-रायपुर मार्ग पर रायपुर के पास भारी भूस्खलन के कारण शुक्रवार देररात 9:00 फंस गया। ऐसे में इनके रहने की व्यवस्था लंगर कमेटी के भवन में की गई। पातका और अन्य स्थानों पर श्री मणिमहेश के 265 के करीब श्रद्धालु बसों समेत अन्य छोटे वाहनों में फंस गए। स्थानीय प्रशासन की ओर से उन्हें हर संभव मदद मुहैया करवाई जा रही है।
विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए एहतियातन डलहौजी, सिहुंता और चुवाड़ी के सभी शिक्षण संस्थान लगातार बारिश के चलते शुक्रवार को बंद रहे।
भारी बारिश से नड्डल-परछोड़ उठाऊ पेयजल योजना के पंप हाउस को नुकसान पहुंचा है। त्रिमथ से जतरुन कूहल क्षतिग्रस्त हो गई।
उपायुक्त डीसी राणा ने बताया कि भटियात में मलबे में दबने से परिवार के तीन लोगों की मौत हुई है। उन्होंने भारी बारिश की संभावना के चलते कुछ दिनों तक अनावश्यक घरों से बाहर न निकलने का लोगों से आह्वान किया है।