सिहुंता (चंबा)। आपदा की मार झेल चुके किसानों की चिंताएं अब मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने बढ़ा दी हैं। अब जिले के किसानों की ओर से खेतों में काट कर रखी गई धान की फसल को बारिश और ओलावृष्टि काफी नुकसान पहुंचा है। मेहनत पर फिरने वाले पानी से किसानों को अब भविष्य की चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि कई किसानों ने दो दिन पहले धान की फसल काट कर खेतों में रखी थी, लेकिन बारिश और ओलावृष्टि होने से धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
किसानों ने कृषि विभाग से प्राथमिकता के आधार पर बारिश से होने वाले नुकसान को लेकर प्रभावित किसानों को उचित सहायता प्रदान करने की मांग उठाई है। इससे किसानों को मेहनत अनुसार उनका हक मिल सके। किसान रमेश कुमार, लोकिंद्र सिंह, राज कुमार, होशियारा राम, जीवन लाल और रोशन कुमार का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र भटियात के तहत आते सिहुंता, कामला, गरनोट, खरगट, समोट, टुंडी और टिकरी समेत अन्य पंचायतों में धान की फसल उगाई जाती है। अब धान की फसल काटने का सीजन आरंभ हो गया है। कुछ किसानों ने धान की फसल को काट कर खेतों में रखी थी, लेकिन बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर कर रख दिया है।
जिन किसानों ने अपनी धान की फसल का बीमा करवाया है वे विभागीय टाेल फ्री नंबर या विभागीय अधिकारियों को सूचित करे। इसके बाद नुकसान हुई फसल का आकलन तैयार करने के बाद प्रभावितों को मुआवजा राशि प्रदान करवाई जाएगी।
कुलदीप धीमान, कृषि उपनिदेशक, चंबा