मेडिकल कॉलेज से चार किलोमीटर दूर बालू में खड़ी हैं एंबुलेंस, सरोल में भी कई वाहन लंबे समय से पड़े
समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने का परिजनों का आरोप, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जय सिंह ने उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा की आपात स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कुमहारका निवासी बॉबी की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने समय पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाया है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण और एंबुलेंस की अनुपलब्धता के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जय सिंह ने मामले को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो बॉबी को टांडा ले जाने में देरी नहीं होती। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज से करीब चार किलोमीटर दूर बालू में एंबुलेंस खड़ी की जा रही हैं। वहीं, सरोल क्षेत्र में भी कई एंबुलेंस लंबे समय से खड़ी रहने के कारण कबाड़ में तब्दील हो रही हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि जब इन वाहनों की जरूरत मरीजों को आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाने के लिए है तो इन्हें लंबे समय तक खड़ा रखने की व्यवस्था क्यों की गई है।
लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। साथ ही आपात स्वास्थ्य सेवाओं में सामने आने वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।