चंबा के गुनु घराट पेयजल योजना के लिए अवैध तरीके से बनाई गई सड़क के कारण वन संपदा को हुआ नुकसान।स
चुराह (चंबा)। गुनु घराट पेयजल योजना के निर्माण से वन भूमि को नुकसान पहुंच रहा है। लोक निर्माण विभाग को भी इससे 50 लाख का नुकसान पहुंचा है।
पेयजल योजना के पेयजल भंडारण टैंकों के निर्माण स्थल के लिए बनाई सड़क की वजह से तीसा को जाने वाली मुख्य सड़क को भूस्खलन होने से भारी क्षति पहुंची है। इसके लिए विभाग ने कंपनी को 50 लाख के नुकसान की रिपोर्ट बनाकर भेजी है।
साथ ही कंपनी को इस धनराशि को जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा वन संपदा को भी काफी नुकसान पहुंचा है। सड़क बनाने के लिए कटिंग के दौरान जो भी मिट्टी निकली उसे डंपिंग साइट में ठिकाने लगाने के बजाय सीधे नीचे फेंक दिया गया। इससे वहां पर हरियाली भी खत्म हो चुकी है। कई पेड़ मिट्टी के नीचे दब चुके हैं। हैरानी की बात है कि वन विभाग सबकुछ देखने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। वन संपदा को नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई अभी तक देखने को नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि 800 मीटर लंबी सड़क बनाने के लिए कंपनी ने आधा दर्जन पेड़ों को भी जमींदोज किया है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी मसरूंड कबीरचंद नेगी ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। जल्द ही औचक निरीक्षण करके कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता संजीव अत्री ने बताया कि चंबा-तीसा सड़क के समीप सपडाह गांव के साथ गुनु घराट पेयजल योजना का कार्य चल रहा है। इस कार्य से भूस्खलन होने से मुख्य सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके लिए विभाग ने 50 लाख के नुकसान की रिपोर्ट बनाई है। इस धनराशि को जमा करवाने के लिए कंपनी को निर्देश दिए गए हैं।