चंबा। जिला मुख्यालय में सीटू पदाधिकारियों ने मजदूर किसानों के पक्ष में काला दिवस मनाया। इस दौरान केंद्र सरकार की किसान और मजदूर नीतियों के खिलाफ रोष प्रकट किया गया। विरोध प्रदर्शन सीटू जिला कमेटी जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार और कोषाध्यक्ष विपिन शर्मा के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन को छह महीने पूरे हो गए हैं और उसी प्रकार केंद्र की मोदी सरकार के कामकाज के सात साल पूरे हो गए हैं।
इन सात वर्षों में देश में सरकार की नीतियों ने भारी असंतोष पैदा किया है। बताया कि देश में बेरोजगारी के साथ ही महंगाई भी लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। कहा कि कोरोना महामारी के चलते लोग सुविधाओं के अभाव में जिंदगियां खो रहे हैं लेकिन सरकार अपनी छवि को अच्छा दिखाने में लगी हुई है। प्रदेश सरकार का भी यही हाल है। कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर को लेकर सरकार ने कोई तैयारी नहीं की। प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत भी खराब है।
प्रदेश के स्वास्थ्य विभागों में पद रिक्त हैं। वर्तमान में तैनात स्टाफ भारी दबाव में काम कर रहे हैं। सरकार का उदासीन रवैया निंदनीय है। उन्होंने मांग की है कि काले कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। चारों लेबर कोड को रद्द किया जाए। इसके अलावा कार्य दिवस के 12 घंटे करने की अधिसूचना को निरस्त करने, कोरोना महामारी से मरने वालों के परिवारों को चार लाख रुपये का मुआवजा देने, हर उपमंडल अथवा तहसील स्तर पर कोविड केयर सेंटर स्थापित करने, डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की तुरंत भर्ती करने, कोविड-19 संक्रमित रोगियों की ठीक से देखभाल करने सहित उपचाराधीन रोगियों के परिवार वालों को उनसे प्रोटोकॉल के अनुसार मिलने देने की मांग उठाई। इस मौके पर कोषाध्यक्ष विपिन शर्मा एवं रिजु राम, बिजौली होली यूनियन से विपिन कुमार आदि मौजूद रहे।
काले दिवस का समर्थन करती है स्वाभिमान पार्टी : बलदेव
स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलदेव राज ने कहा कि किसानों के आंदोलन को चले हुए आज छह माह बीत गए और इस आंदोलन में अब तक 500 किसान अपनी जान की शहादत दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश की सरकार ने गंभीरता से कोई निर्णय नहीं किया जो दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान पार्टी किसानों के काले दिवस का समर्थन करने के साथ ही आंदोलन में शहीद हुए 500 किसान नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करती है। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान पार्टी केंद्र सरकार से मांग करती है कि किसानों से बातचीत करके उनकी उचित मांगों को मान कर लोकतंत्र की रक्षा की जाए।