चंबा। एचआरटीसी के चंबा डिपो में घोटाले की जांच के दौरान रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हुए कैशियर के परिजनों ने बुधवार सुबह आरएम चंबा और उनके कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान परिजनों और मोहल्लेवासियों में काफी गुस्सा दिखा। परिजन इस बात को लेकर हल्ला करते दिखे कि लापता नरेंद्र कुमार जोकि एचआरटीसी में कैशियर के पद पर था।
ऑन ड्यूटी अचानक गायब कैसे हो गया? अगर वह जांच के दौरान दोषी पाया गया है, तो इसको लेकर उन्हें लिखित रूप से जवाब दिया जाए। अगर दोषी नहीं पाया गया तो इस बारे में उन्हें लिखित में जवाब दिया जाए। लापता व्यक्ति के परिजनों का कहना है कि नरेंद्र कुमार की तीस जून को रिटायरमेंट होनी थी।
ऐसे में एक दिन पहले वह ड्यूटी से कैसे गायब हो गए? इस दौरान आधा घंटे तक परिजनों ने आरएम का घेराव किए रखा। आश्वासन मिलने के बाद ही परिजन वहां से हटने को तैयार हुए। इस दौरान लापता कैशियर के बड़े भाई सुरेश कुमार, छोटे भाई रणधीर कुमार, पत्नी निशा, बेटी वैभवी, अंबिका, सहित अन्य परिजनों में नीशु, साहिल, सिद्घार्थ, तनुजा, वर्षा, अंजू, शशी कला ने जांच टीम और एचआरटीसी प्रबंधन पर आरोप लगाए कि कि घोटाले में जिस व्यक्ति के नाम के साथ कर्मचारी संघ ने शिकायत की है।
उसने हाईकोर्ट में एफआईआर से पहले जमानत भी करवा ली है। वह व्यक्ति दोषी होते हुए भी घर पर सुरक्षित है। जबकि बेकसूर नरेंद्र कुमार मानसिक परेशानी की वजह से अचानक लापता हो गया। परिजनों ने एचआरटीसी के अधिकारियों को चेतावनी दी है, कि अगर घोटाले में नरेंद्र कुमार के चरित्र को लेकर वीरवार सुबह तक कोई लिखित जवाब नहीं दिया तो सभी परिजन मोहल्ले वालों के साथ मिलकर चक्का जाम करने को मजबूर हो जाएंगे। एचआरटीसी प्रबंधन की ओर से परिजनों को आश्वासन दिया कि उच्चाधिकारी से बात करके इस मामले में विचार विमर्श किया जाएगा।
आरएम चंबा सुभाष ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। कैशियर के लापता होने की शिकायत एचआरटीसी प्रबंधन ने पुलिस में दी है। उन्होंने कहा कि जांच टीम ने शिमला में रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट उनके पास आएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।