चंबा। वन विभाग ने चांजू-तीन पन विद्युत परियोजना का निर्माण करने वाली एचपीटीसीएल कंपनी पर अवैध डंपिंग को लेकर शिकंजा कसा है। कंपनी को सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मलबा फेंकने को लेकर वन हानि की रिपोर्ट बनाकर कंपनी को जल्द से जल्द उसकी भरपाई करने के आदेेश दिए गए हैं। साथ ही यह भी आदेश दिए हैं कि कंपनी वन विभाग की भूमि पर इस प्रकार से दोबारा अवैध डंपिंग न करें, अन्यथा कंपनी का निर्माण कार्य बंद करवा दिया जाएगा।
कंपनी तरफ से इन दिनों पावर हाउस के लिए सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस दौरान निकलने वाले मलबा को डंपिंग साइट में डालने की बजाय वन विभाग की भूमि में ठिकाने लगाया जा रहा था। इसकी भनक जैसे ही संबंधित वन बीट के वन रक्षक को मिली तो वह तुरंत मौके पर पहुंच गया। सबसे पहले वन रक्षक ने मलबा फेंकने वाले वाहन चालकों को लताड़ लगाई। इसके बाद कंपनी के अधिकारियों को मौके पर बुलाकर लताड़ लगाई और उनके सामने अवैध डंपिंग की वजह से हुए नुकसान की वन हानि रिपोर्ट तैयार की। कंपनी के अधिकारी वन विभाग की टीम के समक्ष यही गुहार लगाते रहे कि वे कम से कम वन हानि की रिपोर्ट बनाएं लेकिन वन रक्षकों ने हाथ में फीता लेकर पूरे नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया। इससे कंपनी के होश उड़े हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार वन विभाग की तरफ से लाखों रुपये की वन हानि की रिपोर्ट बनाई गई है। फिलहाल इसका पता तब चलेगा, जब कंपनी इस हानि की भरपाई करेगी। कंपनी के ठेकेेदारों ने वन विभाग की कार्रवाई के बाद अब वन भूमि पर अवैध रूप से मलबा फेंकना बंद कर दिया है। वन विभाग की तरफ कंपनी के उन तमाम कार्यों पर नजर रखी जा रही है। जिनकी वजह से वन संपदा को नुकसान पहुंच सकता है। वहां पर नियमानुसार कार्य करवाने के लिए कंपनी को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। वनमंडल अधिकारी चंबा कृतज्ञ कुमार ने बताया कि वन भूमि पर अवैध रूप से डंपिंग करने पर संबंधित वन रक्षक ने कार्रवाई की है। वन संपदा का नुकसान किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।