चंबा शहर में निकाली रैली, सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी के नारे भी लगाए
शिक्षकों ने मुख्यमंत्री सुक्खू से उठाई अधिसूचना को तुरंत निरस्त करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। प्रदेश प्राथमिक शिक्षा संघ चंबा के पदाधिकारियों ने रोष रैली निकालकर विरोध दर्ज करवाया। रैली प्रारंभिक शिक्षा विभाग के कार्यालय से निकली और शहर की परिक्रमा करते हुए वापस भरमौर चौक के समीप संपन्न हुई।
इस दौरान नई कांप्लेक्स प्रणाली का विरोध किया। सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी के नारे भी लगाए। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से जल्द इस अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की।
प्रदर्शन की अगुवाई जिला प्रधान पुनीत निराला ने की। उन्होंने कहा कि प्रदेश शिक्षा विभाग ने 23 सितंबर 2025 को नई परिसर प्रणाली पर एक अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना से पहले भी शिक्षा विभाग ने 29 नवंबर 2023 को नए क्लस्टर निर्माण पर अधिसूचना जारी की थी। इस अधिसूचना का प्राथमिक शिक्षक संघ ने विरोध किया था। वार्ता के उपरांत प्राथमिक शिक्षा और प्राथमिक शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखते हुए 13 फरवरी 2024 को संशोधित अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें क्लस्टर सिस्टम को रिसोर्स शेयरिंग तक सीमित रखने पर सहमति बनी थी। निर्णय हुआ था कि नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक प्राथमिक शिक्षा का प्रशासनिक नियंत्रण और संचालन पहले की तरह मुख्य शिक्षकों, केंद्रीय मुख्य शिक्षकों और खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के पास ही रहेगा। छठी से 12वीं कक्षा तक स्कूलों का प्रशासनिक नियंत्रण और संचालन प्रिंसिपल के अधीन चलता रहेगा। 23 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार प्राथमिक शिक्षा का पूर्ण नियंत्रण और संचालन प्रिंसिपल को दे दिया गया। यह प्राथमिक शिक्षकों के हितों से कुठाराघात है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस अधिसूचना को निरस्त किया जाए।