चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के ओपीडी ब्लॉक में सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा से कराहते हुए एक गर्भवती महिला ओपीडी ब्लॉक की दूसरी मंजिल में फर्श पर गिर गई। गर्भवती को प्रसव पीड़ा इतनी ज्यादा हो रही थी कि उसकी हिम्मत गायनी ओपीडी या प्रसव वार्ड तक पहुंचने की नहीं हुई।
गर्भवती महिला के दर्द से कराहने की आवाज सुनकर त्वचा रोग ओपीडी में बैठे त्वचा विशेषज्ञ डॉक्टर दिलबाग सिंह तुंरत बाहर निकल आए। उन्होंने सबसे महिला महिला की हालत का जायजा लिया जिसे देख वह भांप गए कि महिला का प्रसव किसी भी समय हो सकता है। मौके की नजाकत को समझते हुए उन्होंने हाथ में दस्ताने पहनकर महिला का वहीं पर प्रसव करवाने का फैसला लिया। इसके लिए उनकी मदद के लिए वहां मौजूद एमबीबीएस प्रशिक्षु भी जुट गए। कुछ ही देर में उन्होंने गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव करवा दिया। इसके बाद महिला और उसके नवजात को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया। दोनों जच्चा-बच्चा सुरक्षित हैं। समय पर यदि त्वचा विशेषज्ञ गर्भवती महिला का मौके पर प्रसव नहीं करवाते तो शायद कोई भी अनहोनी हो सकती थी। इस घटना से मेडिकल कॉलेज में गायनी विशेषज्ञ की कमी और प्रसूता वार्ड में तैनात स्टाफ की लापरवाही साफ देखने को मिली। क्योंकि गर्भवती महिला सबसे पहले प्रसूता वार्ड में गई थी जहां से उसे जांच करवाने के लिए गायनी ओपीडी में भेज दिया गया। इससे पहले कि वह ओपीडी तक पहुंच पाती ओपीडी ब्लॉक के बीच रास्ते में ही प्रसव पीड़ा से वह फर्श पर गिर गई। कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि महिला और उसका बच्चा बिलकुल सुरक्षित है। अचानक प्रसव पीड़ा होने की वजह से ऐसी परिस्थिति बनी। इसमें मेडिकल कॉलेज के त्वचा विशेषज्ञ का कार्य काफी सराहनीय रहा है।