पांगी में जंगलों की निगरानी करने के लिए वन विभाग को सुराल प्रजामंडल का साथ मिला है। टीम के साथ
चंबा। जिले के सबसे दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्र पांगी में वन संपदा की सुरक्षा के लिए विभाग के साथ प्रजा मंडल ने भी बीड़ा उठा लिया है। कुछ दिन पहले एक दर्जन बाहरी लोगों को वन विभाग ने जंगलों से कीमती जड़ी-बूटियां चोरी करते पकड़ा था।
इसके बाद वन विभाग जंगलों में और भी ज्यादा मुस्तैद हो गया है। अब प्रजा मंडल सुराल भी विभाग से कंधे से कंधा मिलाकर वन संपदा की रखवाली करने के लिए जुट गया है। रविवार को वन विभाग की टीम के साथ मिलकर प्रजामंडल ने सुराल धार के जंगलों का निरीक्षण किया। इस दौरान जंगलों में घुसपैठ करने वालों पर नजर रखी गई। वन खंड अधिकारी संजीव कुमार की अगुवाई में जंगल में यह निरीक्षण किया गया। हालांकि, इस दौरान जंगल में कोई भी शरारती तत्व उन्हें नहीं मिला, लेकिन इससे जिला के अन्य लोगों के लिए नया उदाहरण पेश किया। एक तरफ स्थानीय लोग चंद पैसों के लिए अपने आसपास के जंगलों में अवैध कटान कर रहे हैं, वहीं पांगी में सबसे मजबूत संगठन माने जाने वाले प्रजा मंडल जंगलों की सुरक्षा के लिए आगे आ रहे हैं। इससे प्रेरणा लेकर जिला के अन्य सामाजिक संगठन भी जंगलों की सुरक्षा के लिए आगे आ सकते हैं। हाल ही में चंबा और पांगी के जंगलों में दुर्लभ वन्य जीवों के होने के प्रमाण मिले हैं। ऐसे में उन वन्य जीवों की सुरक्षा को जहां वन्य प्राणी विभाग उचित कदम उठा रहा है तो वहीं इन वन्य जीवों और जड़ी-बूटियों को बचाने के लिए विभाग को स्थानीय लोगों का भी साथ मिल रहा है। निरीक्षण करने वाली टीम में वन रक्षक रूप सिंह, कर्म सिंह, माली जमना देवी, प्रेम नाथ और दैनिक वेतन भोगी वीर सिंह के अलावा सुराल प्रजा मंडल के सदस्य मौजूद रहे।
पुराने समय में प्रजा मंडल ही करता था फैसला
पांगी में प्रजा मंडल का लोगों में काफी महत्व है। पुराने समय में भी पांगी में सभी फैसले प्रजा मंडल करते थे। ऐसे में जब ये प्रजामंडल वनों की सुरक्षा में आगे आएंगे तो जंगलों में जड़ी-बूटियों का अवैध कटान भी खत्म होगा। कुछ वर्ष पहले भी पांगी में प्रजामंडल ने जंगलों में देवदार के पेड़ अवैध रूप से काटने को लेकर निर्णय लिया था। उनके निर्णय के बाद लोगों ने जंगलों में अवैध कटान बंद कर दिया। ऐसे में वन विभाग को प्रजामंडल का यह साथ काफी फायदेमंद रहेगा।