तीसा (चंबा)। चांजू-जखला मार्ग पर 12 साल बाद बिछाई गई तारकोल महज दो दिन में ही हाथों से उखड़ने के मामले में जांच के लिए विभागीय सहायक अभियंता मौके पर पहुंचे।
जांच में पाया कि ताजा डाली गई तारकोल पर पास देते समय लगाई ट्रैक्टर की ब्रेक के कारण ही गड्ढे पड़े हैं। लिहाजा, विभागीय अधिकारी ने ठेकेदार को पुन: उक्त स्थान पर नए सिरे से तारकोल बिछाने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि लोगों की सुविधा के लिए बिछाई जा रही तारकोल के कार्य में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
चांजू-जखला सड़क को पक्का करने का कार्य 12 साल बाद किया जा रहा है। सड़क की खराब स्थिति और सुधारीकरण न होने से लोग लंबे समय से इस कार्य की प्रतीक्षा कर रहे थे। आखिरकार विभाग ने ग्रामीणों की चिर लंबी मांग को पूरा करते हुए साढ़े चार किलोमीटर के मार्ग पर करीब 50 लाख रुपये से तारकोल बिछाने का कार्य ठेकेदार को आवंटित किया। सड़क पर डाली तारकोल दूसरे ही दिन उखड़ने पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। इसके तहत बाकायदा मामला लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता के सम्मुख पहुंचा। विभागीय अधिकारी ने सहायक अभियंता को मौके पर पहुंच कर वस्तुस्थिति का जायजा लेने संबंधी निर्देश जारी किए। इसके तहत सहायक अभियंता, ग्रामीण और संबंधित ठेकेदार मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उक्त स्थल पर उखड़ी तारकोल के पीछे रहे कारण स्पष्ट होने पर ठेकेदार को पुन: तारकोल बिछाने के निर्देश जारी किए।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता नकरोड़ संजीव अत्री ने बताया कि उन्होंने मौके पर पहुंच कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। बताया कि ताजा डाली गई तारकोल पर ट्रैक्टर चलने के कारण गड्ढे पड़े हैं। बताया कि ठेकेदार को गड्ढे भरने के आदेश जारी कर दिए हैं। ग्रामीणों की सुविधा के लिए तैयार हो रहे रास्ते पर टारिंग डालने के कार्य में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।