डीसी ने डोर-टू-डोर संग्रहण में तेजी लाने के दिए निर्देश, अर्ध-शहरी क्षेत्रों को पहले चरण में मिलेगी प्राथमिकता
मणिमहेश यात्रा के दौरान जुटाया प्लास्टिक कचरा भी शामिल, भटियात में जल्द शुरू होगी पायलट व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने गतिविधियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चिह्नित पंचायतों में प्लास्टिक कचरे का डोर-टू-डोर संग्रहण बढ़ाने और शेष पंचायतों में भी ग्राम सभा के माध्यम से एडॉप्शन प्रक्रिया पूरी करने को कहा।
उपायुक्त बुधवार को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने सभी विकासखंडों में प्लास्टिक कचरा संग्रहण की प्रगति की जानकारी ली। पहले चरण में अर्ध-शहरी क्षेत्रों में संग्रहण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही प्लास्टिक कचरा प्रबंधन स्थलों और मासिक शुल्क व्यवस्था की भी समीक्षा की।
उपायुक्त ने बताया कि जिले की 159 ग्राम पंचायतों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए एडॉप्शन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। भरमौर विकासखंड में पिछले दो माह में करीब 102 टन प्लास्टिक कचरा सीमेंट प्लांट भेजा गया है। इसमें मणिमहेश यात्रा के दौरान एकत्रित किया गया प्लास्टिक भी शामिल है। चंबा विकासखंड में करीब 30 क्विंटल और सलूणी में दो क्विंटल बेल्ड प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया है।
तीसा विकासखंड की भंजराडू और तीसा-1 तथा भरमौर की भरमौर और होली पंचायतों में डोर-टू-डोर संग्रहण शुरू हो चुका है। भटियात की सिहुंता और छलाड़ा पंचायतों में जल्द पायलट आधार पर व्यवस्था शुरू होगी। मैहला में एक नवंबर से संग्रहण कार्य शुरू किया जाएगा, जबकि पांगी में इसके लिए चार जोन चिह्नित किए गए हैं।
बैठक में उपायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लक्ष्य समयबद्ध पूरा करने, मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना की ऑनलाइन डाटा एंट्री पूरी करने तथा लंबित कार्यों और विभागीय जांच मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश भी दिए।