श्रद्धालुओं के बीच रहकर चिट्टे के सौदागरों की तलाश करेंगे पुलिस के जवान
भरमौर से डल झील तक श्रद्धालुओं की भीड़ में हर पड़ाव पर रहेगी कड़ी नजर
पुलिस ने चिट्टा और अवैध नशे के खिलाफ यात्रा में पहली बार छेड़ा ऐसा अभियान
प्रवीण कुमार
चंबा। देवभूमि की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा में नशे के सौदागरों पर पुलिस की खास नजर रहेगी। यात्रा की आड़ में चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति तैयार की है।
भरमौर से लेकर मणिमहेश डल झील तक यात्रा मार्ग के हर प्रमुख पड़ाव पर पुलिस की निगरानी रहेगी।
नशा तस्करों को भनक तक न लगे, इसके लिए पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में भी तैनात किए जाएंगे। ये जवान श्रद्धालुओं के बीच रहकर संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे और नशे की सप्लाई से जुड़े लोगों की पहचान करने का प्रयास करेंगे। चिट्टा के खिलाफ पुलिस की ओर से छेड़े गए अभियान को मणिमहेश यात्रा के दौरान भी पूरी सख्ती के साथ जारी रखा जाएगा। पुलिस का मकसद केवल नशे की खेप पकड़ना ही नहीं, बल्कि यात्रा मार्ग पर सक्रिय सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचना भी रहेगा।
यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में भीड़ का फायदा उठाकर नशे की तस्करी करने वालों के मंसूबों पर पानी फेरने के लिए पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है। भरमौर से हड़सर और आगे के यात्रा पड़ावों तक संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। पुलिस की इस रणनीति से साफ है कि धार्मिक यात्रा की आड़ में नशे का कारोबार करने वालों के लिए इस बार रास्ता आसान नहीं होगा। पुलिस अधिकारियों ने जवानों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि मणिमहेश यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण यात्रा है। पुलिस का प्रयास रहेगा कि यात्रा मार्ग पर नशे की किसी भी तरह की गतिविधि को पनपने न दिया जाए। नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ श्रद्धालुओं को सुरक्षित और नशामुक्त माहौल उपलब्ध करवाना पुलिस की प्राथमिकताओं में रहेगा।