चंबा। ऐतिहासिक सूही मेले के दूसरे दिन रानी सुनयना के समाधि स्थल मलूणा तक जातर निकाली गई। इसमें गद्दी समुदाय की महिलाएं घुरेई गीत गाते हुए जातर के साथ मलूणा पहुंचीं। यहां पर रानी सुनयना के समाधि स्थल पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखने को मिली। जिलेभर से लोग माता के दर्शन करने के लिए पहुंचे। समाधि स्थल पर सर्वप्रथम पंडित की बेटी ने पूजा अर्चना की। इसके बाद अन्य श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। इस दौरान भंडारे का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं ने मलूणा स्थित समाधि स्थल पर माता के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना करने के साथ ही जनपद की प्यास बुझाने के लिए दिए बलिदान को याद किया।
बुधवार सुबह 11:00 बजे सूही माता मंदिर से बैंड-बाजे के साथ भव्य जातर मलूणा के लिए रवाना हुई। जातर में शामिल गद्दी समुदाय की महिलाओं ने रानी सुनयना के बलिदान को गीत के माध्यम से याद किया। इसके साथ ही महिलाओं ने घुरेई नृत्य भी पेश किया। मलूणा में पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी भीड़ के मद्देनजर श्रद्धालुओं को कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। सूही माता मेले के दूसरे दिन सूही मढ़ स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की खूब भीड़ उमड़ी। मेले में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या सबसे अधिक रही क्योंकि मेले को खासतौर पर महिलाओं का मेला भी कहा जाता है। सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचने का सिलसिला चलता रहा। शाम के समय जातर वापस सूही माता मंदिर लौटी। वीरवार को सूही माता मंदिर से रानी सुनयना के पद चिह्नों को पिंक पैलेस पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही इस मेले का समापन हो जाएगा।