चंबा। जिले में अब कोरोना नियमों की अवहेलना करने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसको लेकर प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। आदेशों में प्रशासन ने साफ किया है कि अगर लोग शहर में प्रवेश करने पर कोरोना प्रोटोकॉल की पालना नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ डीएम एक्ट और आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दूसरी तरफ शहर में पहुंच रही भीड़ को कोरोना प्रोटोकॉल का पाठ पढ़ाने के लिए अधिकारी जुटे रहेंगे। इसके अलावा चौगान में निगरानी टीमें भी निरीक्षण करेंगी।
गौरतलब है कि सरकार ने कोरोना कर्फ्यू के बाद रियायतें काफी बढ़ा दी हैं। जबकि, जिले में पॉजिटिविटी रेट प्रशासन की अपेक्षानुसार कम नहीं हुआ है। बहरहाल, प्रशासन अब अपने स्तर पर ही कोरोना के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने के लिए योजना बना रहा है। उपायुक्त के आदेशों के बाद बुधवार को समस्त उपमंडलों में होटलियर्स, दुकानदारों और अन्य कारोबारियों के साथ संबंधित उपमंडलाधिकारियों ने बैठक की। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।
प्रशासन के मुताबिक यदि कोई दुकानदार अगर नियमों की अवहेलना करता है तो उसकी दुकान एक दिन से लेकर सात दिन तक सील भी की जा सकती है। प्रशासन ने कोरोना हॉट स्पॉट क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन बनाने भी शुरू कर दिए हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि सरकार की ओर से दी गई रियायतों को प्रशासन कम नहीं कर रहा है लेकिन, एसओपी की अवहेलना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि प्रदेश के अग्रणी समाचार पत्र अमर उजाला ने बुधवार को भी शहर में कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाती पड़ताल रिपोर्ट प्रकाशित की। इसके बाद प्रशासन ने हरकत में आते हुए नए आदेश जारी किए हैं।
उपायुक्त डीसी राणा का कहना है कि कोरोना संक्रमण को लेकर प्रशासन ने योजना तैयार की है। कहा कि एसओपी की अवहेलना नहीं होनी चाहिए। ऐसा करने पर कार्रवाई की जाएगी।
चंबा में क्या है कोरोना संक्रमण की स्थिति
जिले में पिछले दो दिन से कोरोना के नए मामलों में बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को 42 और बुधवार को 46 नए मामले सामने आए हैं। जिले में सक्रिय मामले अब 246 पहुंच गए हैं जबकि, बुधवार को पॉजिटिविटी रेट 2.77 प्रतिशत रहा। गत सप्ताह पॉजिटिविटी रेट 1.89 प्रतिशत था।
बुधवार को भी शहर को भीड़ से निजात नहीं मिली। सैकड़ों की संख्या में लोग बाजार पहुंचे और कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए खरीदारी की। लोग बिना मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की अनुपालना नहीं कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ सरकारी और निजी बसों में भी सरकार के निर्देशों को दरकिनार कर यात्रियों को सफर करवाया जा रहा है।