चंबा। जिला मुख्यालय के साथ लगते एक गांव में टावर लाइन का काम करने पहुंचे प्रवासी मजदूरों के एक के बाद एक कोरोना संक्रमित आने से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। आलम यह है कि 13 प्रवासी मजदूर दुकान में एक साथ रह रहे हैं। मजदूरों को मालवाहक वाहनों में बैठाकर कार्य स्थल पर ले जाकर कार्य करवाने के बाद वापस उनके आवास स्थल पर छोड़ा जा रहा है। संक्रमित मजदूरों को लेकर कोविड नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने नियमों की अवहेलना करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
पंचायत प्रतिनिधियों उपप्रधान रमेश शर्मा, वार्ड पंच रोहित शर्मा, सुनील ठाकुर, हितेश शर्मा और केवल कृष्ण के मुताबिक कुछ दिन पहले एक प्रवासी मजदूर कोरोना संक्रमित पाया गया। उसके बाद अन्य मजदूरों की कोरोना सैंपलिंग की गई, जिसमें एक अन्य प्रवासी मजदूर कोरोना संक्रमित पाया गया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि प्रवासी मजदूरों ने पंचायत कार्यालय से यहां रहने के लिए कोई अनुमति ली है। इतना ही नहीं, प्रवासी मजदूर कोरोना संबंधित दिशा-निर्देशों की पालना में भी कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। ये 13 प्रवासी दुकान में एक साथ रह रहे हैं। इसके अलावा पहले मजदूर के संक्रमित आने के बाद कई प्रवासी तो अपने बोरी-बिस्तर समेट कर यहां से चले गए हैं। ऐसे में प्रशासन ने इन प्रवासी मजदूरों पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग उठाई है।