चंबा। जिले में यात्री अब गूगल पे, यूपीआई और ऑनलाइन किराये का भुगतान कर सकेंगे। कोड स्कैन कर किराया देने से यात्रियों को भी खुले पैसे रखने के झंझट से छुटकारा मिलेगा।
डेबिट और क्रेडिट कार्ड स्वाइप कर भी किराये का भुगतान किया जा सकता है। जिले में आचार संहिता खत्म होने के बाद यह व्यवस्था शुरू हो सकती है। दरअसल, चंबा डिपो में परिचालकों को प्रशिक्षित करने के लिए एक बस टिकटिंग मशीन पहुंच गई है। परिचालकों को इससे टिकट काटने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हिमाचल पथ परिवहन निगम के चंबा डिपो में मौजूदा समय में करीब 200 परिचालक हैं। ऐसे में निगम प्रबंधन ने दो सौ टिकट मशीनों की ही मांग भेजी है।
चंबा डिपो से अंतरराज्यीय रूटों के साथ स्थानीय रूटों पर भी निगम की बसें चलती हैं। अभी तक परिचालक नकद किराया लेकर मशीन से टिकट काटकर देते हैं। इससे कई बार खुले पैसे न होने के कारण परिचालक और सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार तो खुले पैसे न होने के कारण परिचालक और यात्रियों के बीच बहस हो जाती है। ऐसे में अब गूगल पे, यूपीआई, ऑनलाइन के साथ डेबिट और क्रेडिट कार्ड से किराये का भुगतान करने की सुविधा मिलने से यात्रियों को भी राहत मिलेगी।
बहरहाल, चंबा डिपो के परिचालकों को बस टिकटिंग मशीन को संचालित करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऑनलाइन टिकट देने की सुविधा शुरू होने के बाद भी परिवहन निगम की ओर से परिचालकों को मैनुअली टिकट दिए जा सकते हैं। जिले के दूरदराज क्षेत्रों में कई बार सिगनल की समस्या रहना इसका कारण है। खैर, ऑनलाइन किराये की अदायगी की सहूलियत मिलने से लाेगों को लाभ मिलेगा।
एचआरटीसी चंबा डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने बताया कि परिचालकों को प्रशिक्षण के लिए एक बस टिकटिंग मशीन चंबा पहुंची है। परिचालकों को ऑनलाइन टिकट काटने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बताया कि प्रबंधन ने 200 बस टिकटिंग मशीनों की मांग भेजी है। आचार संहिता हटने के बाद ऑनलाइन टिकट काटने का क्रम शुरू हो सकता है।