पीसीबी ने भारी जुर्माना लगाने के लिए शिमला भेजी रिपोर्ट में की सिफारिश
दो माह पहले आखिरी मौके के रूप में दोनों पंचायतों को जारी किए थे नोटिस
नोटिस को पंचायत अधिकारियों ने किया नजरअंदाज, जगह-जगह लगे कचरे के ढेर
प्रवीण कुमार
चंबा। पंचायत सरोल और करियां को अब पीसीबी एक लाख रुपये जुर्माना लगा सकता है। इसके लिए चंबा से रिपोर्ट बनाकर शिमला भी भेजी जा चुकी है।
इन दोनों पंचायतों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दो माह पहले नोटिस जारी कर आखिरी मौका दिया था कि पंचायतों में लगे कचरे के ढेरों को साफ कर दे लेकिन पंचायत के अधिकारियों ने इस दिशा में कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया।
कुछ दिन पहले जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने दोनों पंचायतों का औचक निरीक्षण किया। तो वहां कचरे के ढेर पहले की तरह नजर आए। इतना ही नहीं साफ करने की बजाए वहां कचरा अधिक मात्रा में दिखा। इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सदस्य सचिव शिमला को भेज दी गई है। रिपोर्ट में इन पंचायतों को कम से कम एक लाख रुपये जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई है। ऐसे में यह लगभग तय है कि पंचायतों को जुर्माने के फरमान कभी भी शिमला से चंबा पहुंच सकते हैं।
ग्राम पंचायत करियां में जुखराड़ी, एनएचपीसी गेट और टीआरटी के पास कचरे के अंबार लगे हैं जबकि सरोल पंचायत में राठ घार और श्मशान घाट जाने वाला रास्ता कचरे से लबालब भर चुका है। इससे वातावरण भी दूषित हो रहा है लेकिन हैरानी इस बात की है कि पीसीबी के नोटिस देने के बाद न तो पंचायत सचिव ने कोई कार्रवाई की और न ही पंचायत प्रतिनिधियों ने कोई एक्शन लिया जबकि पंचायत सचिव को रा फेंकने वालों का चालान काटने की शक्ति दी गई है। चालान कैसे काटा जाएगा, इसको लेकर प्रशिक्षण भी दिया गया है।
जिला पंचायत अधिकारी को भी प्रशासन ने 15 दिन के भीतर पंचायतों में स्वच्छता अभियान चलाने के लिए पिछले माह निर्देश जारी किए थे लेकिन उन्होंने भी निर्देशों का नजरअंदाज किया। यही वजह है कि पंचायतों में जगह-जगह कचरा बिखरा पड़ा है।
पीसीबी के सहायक अभियंता राहुल शर्मा ने बताया कि दोनों पंचायतों को आखिरी मौके के रूप में नोटिस दिया गया था लेकिन उन्होंने कचरे की सफाई करना जरूरी नहीं समझा, अब उन्हें शिमला से भारी जुर्माना लग सकता है।