तेलका क्षेत्र के लोगों को लगानी पड़ रही मेडिकल कॉलेज, सलूणी और डलहौजी की दौड़
निजी दवा स्टोर संचालकों ने पीएचसी में मदद के लिए बढ़ाए हाथ, दीं कई प्रकार की दवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तेलका इन दिनों बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि दवा की कमी से चर्चा में है। जिस केंद्र पर 11 हजार लोगों की सेहत का भरोसा टिका है, वहां तीन महीने से जरूरी दवाओं की आपूर्ति ठप है।
मरीज सिरदर्द की दवा के लिए भी मेडिकल कॉलेज चंबा, सलूणी और डलहौजी की दौड़ लगाने पर मजबूर हैं। ऐसे में स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालकों की मदद मरीजों के लिए तत्काल राहत का सहारा बनी हुई है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तेलका में लगभग तीन महीनों से नियमित दवा आपूर्ति नहीं होने के कारण मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत सालवां, तेलका, मौड़ा, बाड़का, भजौतरा, दरेकड़ी, करवाल, लिग्गा, सियुला, मांझली, सेरी, नड्डल समेत आस-पास के क्षेत्र से 11 हजार की आबादी उपचार के लिए निर्भर है। पीएचसी में एक बुखार की दवा तक न होना स्वास्थ्य विभाग की पोल खोल रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि पीएचसी तेलका में दवाइयों की नियमित आपूर्ति शीघ्र बहाल की जाए।
ऐसे समय में स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालकों ने सहयोग का हाथ बढ़ाया है। तिलक जरियाल मेडिकल स्टोर तेलका के संचालक ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए ब्रूफेन 250 टैबलेट, 1,000 पैरासिटामोल टैबलेट और अन्य दवाइयां उपलब्ध करवाई हैं। वहीं, रवि ने भी 200 टैबलेट ब्रूफेन का सहयोग दिया है।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. तृप्ता ने बताया कि पिछले लगभग तीन महीनों से दवाइयों की नियमित सप्लाई नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्थानीय स्तर पर सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने मेडिकल स्टोर संचालकों की ओर से दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जल्द दवाइयों की नियमित आपूर्ति की उम्मीद है।