चंबा के सत्संग भवन मुगला में सत्संग सुनते श्रघालू।संवाद
चंबा। संत निरंकारी सत्संग भवन मुगला में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। महात्मा अरुण महाजन ने प्रवचन सुनाए। सत्संग में साहो, जडेरा, धरवाला, राख, जांगी और भद्रम से निरंकारी अनुयायी पहुंचे।
सत्संग का शुभारंभ आरती वंदना से किया गया। महात्मा अरुण ने कहा कि हमारी आत्मा परमात्मा का अंश है। अगर आत्मा ने अपने मूल को नहीं जाना तो भटकन बनी रहती है। परमात्मा के बारे में हम जितना भी पढ़ते और सुनते चले जाएं, इससे बात बनने वाली नहीं है, जब तक सार को नहीं जाना, सार को नहीं पकड़ा तब तक मनुष्य के जीवन में उतावलापन रहता है। कहा कि संतों-महात्माओं का साथ हमारे लिए साधन बनता है। महात्मा ने कहा कि सत्य के बोध से पूर्व अंगुली माल डाकू, सदना कसाई, गणिका वैश्या जिनके जीवन के बारे में हमने पढ़ा और सुना है, मगर जब वे बह्ज्ञानियों के पास पहुंचे तो उनके जीवन में एक क्रांति घट गई। सत्संग के समापन पर भंडारा लगाया गया। यह जानकारी सेवादार विनोद कुमार ने दी। संवाद