चंबा। जिले में बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूरों को अब दो सप्ताह तक काम वाले स्थानों पर ही क्वारंटीन होना पड़ेगा। क्वारंटीन मजदूर कार्य करने के लिए निर्धारित स्थानों पर तो जा सकेंगे लेकिन, आबादी बहुल इलाकों में आवाजाही पर पूरी तर रोक रहेगी। बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूरों के क्वारंटीन रखने सहित उन्हें राशन मुहैया करवाने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार पर ही रहेगी। इसके बारे में बाकायदा जिलाधीश ने संबंधित उपमंडलाधिकारियों को लिखित में निर्देश जारी कर दिए हैं। गौरतलब है कि प्रदेश भर में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले लोगों का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
जिला चंबा की बात की जाए तो अब तक 3872 मरीज कोरोना की चपेट में आनेे से संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि, 3470 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। जिले में 334 मरीज होम आइसोलेट और कोविड अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। कोरोना की दूसरी लहर से अब मरीजों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अब जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ानी शुरू कर दी है। लिहाजा, अब जिले में बाहरी राज्यों से प्रवेश करने वाले मजदूरों को काम करने वाले स्थान पर ही क्वारंटीन होना पड़ेगा। इस दौरान वे कार्य करने की जगह पर तो जा सकेंगे लेकिन, वे स्थानीय लोगों के साथ मेलमिलाप नहीं कर सकेंगे। उनके संबंध में पूरी जानकारी का ब्योरा संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों को आशावर्करों के माध्यम से मुहैया करवाना पड़ेगा।
इस दौरान उन पर निगरानी रखने का कार्य संबंधित आशावर्करों को ही होगा।
उपायुक्त डीसी राणा ने कहा कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार के निर्देशानुसार अब जिले में प्रवेश करने वाले बाहरी राज्यों के मजदूर कार्यस्थलों पर ही दो सप्ताह के लिए क्वारंटीन होंगे। मजदूरों पर नजर रखने का जिम्मा आशा कार्यकर्ताओं को होगा। क्वारंटीन समयावधि के दौरान मजदूरों को खाद्य सामग्री मुहैया करवाने का जिम्मा संबंधित ठेकेदार को ही होगा।