हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक जिलाध्यक्ष ने प्रशासनिक आदेशों को ठहराया गलत
कहा, हाल ही में प्रशासन ने जारी किए है आदेश, आदेशों पर किया जाए पुनर्विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ चंबा के पदाधिकारियों ने स्कूल समय के बाद जनगणना कार्य करने के आदेशों का विरोध किया है।
संघ के जिला प्रधान पुनीत निराला ने जारी बयान में कहा कि प्रशासन ने हाल ही में स्कूल समय के बाद जनगणना कार्य करने को लेकर आदेश जारी किए हैं। संघ ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिक शिक्षकों के लिए स्कूल के निर्धारित समय के बाद इस तरह के व्यापक फील्ड वर्क को करना व्यावहारिक रूप से पूरी तरह असंभव है। प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों पर पहले ही कई तरह के गैर-शैक्षणिक कार्यों का भारी बोझ है। यदि शिक्षक स्कूल समय के बाद भी मानसिक और शारीरिक रूप से फील्ड वर्क में उलझे रहेंगे तो इसका सीधा नकारात्मक असर अगले दिन बच्चों की पढ़ाई और उनकी ऊर्जा पर पड़ेगा। दूसरी तरफ चंबा जिला एक अत्यंत दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र है। यहां दोपहर बाद या शाम के समय दूरदराज के गांवों और पहाड़ी इलाकों में जाकर जनगणना, सर्वे और वेरिफिकेशन का काम करना शिक्षकों, विशेषकर महिला शिक्षिकाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक और असंभव है। जनगणना जैसे गंभीर और जिम्मेदारी वाले कार्य को केवल ऑफ-आवर्स या छुट्टियों के भरोसे समय पर पूरा नहीं किया जा सकता। अंधेरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में घरों का दौरा करना और सटीक डाटा जुटाना बिल्कुल भी व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस आदेश पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए। जनगणना के इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए शिक्षकों को स्कूल समय के दौरान ही उचित ड्यूटी का प्रावधान दिया जाए।