चंबा। प्रदेश सरकार की ओर से निजी अस्पतालों में हिमकेयर योजना को बंद करने से भले ही किसी अन्य जिले पर असर हो या न हो, लेकिन आकांक्षी जिला चंबा में काफी असर पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज चंबा सहित जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में किडनी की पत्थरी के ऑपरेशन नहीं किए जाते हैं। किडनी की पत्थरी का ऑपरेशन यूरोलॉजिस्ट करता है। इसकी तैनाती तो दूर, मेडिकल कॉलेज में अभी तक यह विभाग की संचालित नहीं हुआ है।
ऐसे में चंबा से किडनी की पत्थरी के मरीजों को ऑपरेशन करवाने के लिए टांडा या शिमला जाना पड़ रहा है। हिमकेयर योजना से जिले के एक निजी अस्पताल में मरीजों को यह सुविधा मिल रही थी, लेकिन अब सरकार ने मरीजों से यह सुविधा छीन ली है। अब मरीजों को निजी अस्पताल में किडनी की पत्थरी का ऑपरेशन करवाने के लिए 60 से 80 हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
निजी अस्पताल में हिमकेयर योजना शुरू होने से चंबा के मरीजों को किडनी की पत्थरी का इलाज करवाने में आसानी हो रही थी, क्योंकि निजी अस्पताल में उनका ऑपरेशन योजना में मुफ्त हो रहा था। मात्र दवाइयों के पैसे ही उन्हें चुकाने पड़ रहे थे। - शमीम
निजी अस्पताल में हिमकेयर योजना बंद कर सरकार ने आकांक्षी जिले के सैकड़ों गरीब लोगों के साथ अन्याय किया है। इसका खामियाजा सरकार को आगामी चुनावों में भुगतना पड़ सकता है। - बिंदु कुमारी
निजी अस्पताल में हिमकेयर योजना बंद करने से पहले सरकारी अस्पताल में मरीजों को किडनी की पत्थरी के ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध करवानी चाहिए, जिससे मरीजों को अपना इलाज करवाने के लिए भटकना न पड़े। - ललित कुमार
आकांक्षी जिले में सरकार को स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करनी चाहिए, लेकिन सरकार मरीजों को मिल रही सुविधाओं को ही बंद करने में जुटी है। इसको लेकर लोगों में सरकार के प्रति काफी नाराजगी है। पक्ष व विपक्ष भी मौन धारण करके बैठे हैं। - हारून मोहम्मद
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज चंबा में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। यूरोलॉजिस्ट की तैनाती को लेकर सरकार से मांग की जाएगी, जिससे मरीजों को किडनी पत्थरी के ऑपरेशन करवाने के लिए जिले से बाहर न जाना पड़े।