चंबा मिंजर मेला कार्यक्रम के दौरान कबड्डी मेट पर प्रस्तुति देते कलाकार।संवाद
चंबा। भले ही सरकार की ओर से मिंजर मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया है, लेकिन शुभारंभ पर लोक नृत्य की प्रस्तुति कबड़्डी के मैट पर शुरू कर दी। जब नंगे पैर कलाकार मैट पर नृत्य करने लगे तो उन्हें पैरों में गर्मी का अहसास होने लगा।
किसी को पता न चले, इसलिए वे नाचते-नाचते मैट से बाहर आ गए और चौगान पर नृत्य करने लगे। जब किसी ने यह बात प्रशासन तक पहुंचाई तो मैट लेकर विभागीय कर्मचारी पहुंचे और दूरा मैट बिछाया गया। इस पर लोगों ने भी नाराजगी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि एक तरफ मिंजर मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ख्याति प्राप्त है, दूसरी तरफ कबड्डी मैट पर लोक नृत्य करवाना एक बड़ी लापरवाही है। इस स्तर के मेलों में ऐसी लापरवाही नहीं होनी चाहिए। गौरतलब है कि शोभायात्रा के बाद मिंजर मेले का शुभारंभ हुआ। चौगान में सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया। यहां राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल विशेष रूप से मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारी समेत मिंजर मेला समिति के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कलाकारों के लिए दूसरे मैट की व्यवस्था करने के बजाय कबड्डी मैट पर ही प्रस्तुति के लिए आमंत्रित कर दिया।