चुराह (चंबा)। सरकार ने प्राथमिक पाठशाला गढ़ में छात्रों की संख्या 20 होने से पहले ही उसे बंद कर दिया। नए सत्र में पाठशाला में 10 नए विद्यार्थियों ने दाखिला लेना था। इस दाखिले से पाठशाला में छात्रों की संख्या 20 होनी थी लेकिन सरकार ने दाखिले होने से पहले ही स्कूल को बंद करवा दिया। यह आरोप स्थानीय लोगों ने मंगलवार को आक्रोश रैली निकालते हुए सरकार पर लगाए।
गढ़ में ग्रामीणों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। गौर रहे कि शिक्षा खंड कल्हेल के तहत आने वाले गांव गढ़ के लोगों की मांग पर पूर्व सरकार ने यहां प्राथमिक पाठशाला अपने कार्यकाल के आखरी वर्ष में खोली थी। पूर्व सरकार की ओर से प्रदेश में चुनावी वर्ष में खोले सभी संस्थानों को बंद करने के आदेशों के चलते इस पाठशाला को भी बंद करने के आदेश हुए हैं। वार्ड सदस्य मंजू देवी, कमल, परस राम, जगदीश, रमेश, भाषी, मस्तराम, चतर सिंह, संजू और थान सिंह ने बताया कि पाठशाला बंद होने के बाद उनके बच्चों को प्राथमिक शिक्षा हासिल करने के लिए छह किलोमीटर का सफर करना पड़ेगा। स्कूल आने-जाने वाला रास्ता भी संकरा और खतरनाक है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि गढ़ स्कूल को बंद न किया जाए अन्यथा ग्रामीणों को इसके खिलाफ सड़कों पर भी उतरना पड़ सकता है। वहीं, स्थानीय विधायक डॉ. हंसराज का कहना है कि वे ग्रामीणों के हर फैसले के साथ खड़े हैं।