कॉलेज प्रबंधन ने परीक्षा में देरी से पहुंचने का दिया हवाला, प्रशिक्षु की बताई गलती
दोनों पक्षों ने सोशल मीडिया के जरिये लगाए एक-दूसरे पर आरोप और प्रत्यारोप
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। निजी नर्सिंग कॉलेज की प्रशिक्षु ने अपने प्रबंधन पर फीस जमा नहीं करवाने के बदले परीक्षा में नहीं बैठने की आरोप लगाए हैं।
मंगलवार को प्रशिक्षु परीक्षा देने के लिए मेडिकल कॉलेज के केंद्र पहुंचीं लेकिन उन्हें नहीं बैठने दिया गया। इसको लेकर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी और प्रशिक्षु के बीच में काफी देर तक बहसबाजी भी हुई। इसके बाद निराश होकर सोशल मीडिया पर प्रशिक्षु ने अपनी भड़ास निकाली। नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उन्हें फीस जमा करवाने में थोड़ा समय लग गया। इस कारण उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। अब वह अपने कोर्स में पिछड़ जाएंगी। उन्होंने कॉलेज हॉस्टल में मिलने वाले खाने को लेकर भी आरोप लगाए। बुधवार को कॉलेज प्रबंधन ने भी सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा। चेयरमैन ने बताया कि परीक्षा न देना खुद प्रशिक्षु की गलती है। इसमें कॉलेज प्रबंधन का कोई लेना-देना नहीं है। परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होनी थी लेकिन वह 10 बजे पहुंची। रही बात हॉस्टल के खाने की तो दो साल तक वह स्वयं मेस इंचार्ज रही हैं। रोजाना वही प्रशिक्षुओं को परोसे जाने वाले खाने की जांच करती थीं।