चंबा। नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) की भर्ती का साक्षात्कार देने वाले सैकड़ों अभ्यर्थी परिणाम आने की राह ताक रहे हैं। सात महीने बीतने के उपरांत भी परिणाम घोषित नहीं किया गया है। इससे अभ्यर्थियों में भारी रोष और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने मांग की है कि एनटीटी भर्ती का परिणाम जल्द घोषित किया जाए।
अभ्यर्थी आरती शर्मा, मोनिका, सुमन, जीविका शर्मा, रक्षा, नेहा, संजीव कुमार और अनिल का कहना है कि अगर कोर्स अमान्य है तो सरकार को पहले ही इन संस्थानों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी। अब भर्ती प्रक्रिया के बीच में आकर युवाओं का भविष्य अधर में लटका दिया गया है। यह सिर्फ एक भर्ती नहीं बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य का सवाल है। सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए तुरंत निर्णय लेना चाहिए।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब सरकार ने भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। तब यह बात सरकार को पहले से पता थी कि एनसीटीई द्वारा दो वर्षीय एनटीटी डिप्लोमा का कोई कोर्स संचालित नहीं किया जाता। इसके बावजूद सरकार ने साक्षात्कार लिए और पूरी प्रक्रिया आगे बढ़ाई। बाद में अचानक यह कहकर परिणाम रोक दिया गया कि महज 14 अभ्यर्थियों के ही डिप्लोमा मान्य हैं। इसी आधार पर पूरी भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया गया।
हैरानी की बात है कि कुछ ही दिन बाद यह संख्या 14 से बढ़ाकर 114 अभ्यर्थियों की कर दी गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एनसीटीई खुद दो साल का एनटीटी कोर्स करवाती ही नहीं तो फिर ये 14 या 114 अभ्यर्थी मान्य कैसे हो गए। अगर अन्य राज्यों में वही योग्यता मान्य है तो यहां रिजल्ट को रोकना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।