चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान अब ऐतिहासिक चौगान नंबर चार में व्यावसायिक गतिविधियां नहीं हो पाएंगी। नगर परिषद चंबा ने जनरल हाउस में इसको लेकर बाकायदा प्रस्ताव पारित किया है। इतना ही नहीं नगर परिषद ने चंबा चौगान के सौंदर्यीकरण को बरकरार रखने का तर्क जिला प्रशासन को दिया है। चौगान नंबर चार में व्यावसायिक गतिविधि न होने से मध्य और निम्न वर्ग के लोगों को अब बाजार से महंगे दामों पर ही सामान खरीदना पड़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान चौगान नंबर एक में डोम लगाए जाते हैं। साथ ही कला केंद्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित खेलकूद गतिविधियां करवाई जाती हैं। चौगान नंबर दो में सरस मेला या दुकानें लगाई जाती हैं। चौगान नंबर तीन को झूले और चार को दुकानें लगाने के लिए जिला प्रशासन ठेकेदारों को आवंटित करता है। चौगानों से होने वाली कमाई को ही जिला प्रशासन मिंजर मेले के सफल आयोजन पर खर्च करता है। ऐसे में चौगानों में व्यावसायिक गतिविधि होने के बावजूद नगर परिषद चंबा को एकत्रित बजट का कोई भी हिस्सा नहीं मिल पाता है। हालांकि चौगानों की देखरेख और सफाई व्यवस्था का जिम्मा नगर परिषद के हवाले ही है। इतना ही नहीं चौगान नंबर-चार का कई सालों से जीर्णोद्धार न हो पाने के कारण इसकी दशा काफी दयनीय हो चुकी है। इसको लेकर समय-समय पर शहर के प्रबुद्धजन, विभिन्न सामाजिक संगठन और शहरवासी चौगान नंबर-4 (चिल्ड्रन पार्क) की दशा को सुधारने को लेकर आवाज बुलंद कर चुके हैं। इसी क्रम में अब आठ लाख खर्च कर चौगान की दशा सुधारने का नगर परिषद चंबा ने निर्णय किया है। चौगान नंबर-4 में बच्चों के लिए झूले लगाने, ओपन जिम स्थापित करने के अलावा चौगान के भीतर हरी घास लगाने का भी निर्णय किया गया है। इसके बाद इसे मिंजर मेले में व्यावसायिक गतिविधियों के आयोजन के लिए नहीं देने का निर्णय किया गया है।
नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैयर ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि चौगान नंबर चार के सौंदर्यीकरण के बाद इसे व्यावसायिक गतिविधियों के लिए मिंजर मेले के दौरान नहीं दिया जाएगा। नप चंबा के हाउस में इसको लेकर बाकायदा प्रस्ताव पारित किया गया है।