चंबा अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के बाद बागवानी विभाग के उप निदेशक डॉक्टर प्रमोद शाह के साथ बागवा
चंबा। बागवानों को सेब बगीचों के लिए आवश्यक दवाइयाें के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने अधीनस्थ कर्मचारियों को इस बारे में सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब फलदार पेड़-पौधों के लिए आवश्यक दवाओं की मांग भेजने से पहले गांव-गांव में जाकर अधिकारी डिमांड चार्ट बनाकर मुहैया करवाएंगे।
बुधवार को अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में उद्यान विभाग के उपनिदेशक ने यह जानकारी बागवानों के साथ साझा की। उन्होंने बताया कि विभाग ने बागवानों के लिए कई विकासात्मक योजनाएं चलाई हैं। कहा कि विभाग में रिक्त अधिकारियों-कर्मचारियों के पदों के बारे में सरकार को लिखा गया है। उन्होंने बागवानों की समस्याओं और मांगों को लेकर चलाए गए अभियान की भी प्रशंसा की। जनवरी 2019 में भारी बर्फबारी के बाद सेब के 300 पौधों के बगीचे को पहुंचे नुकसान की एवज में प्रभावित को मुआवजा न मिलने का मुद्दा भी संवाद कार्यक्रम में बघेईगढ़ पंचायत के गांव कठवाड़ निवासी बागवान वेद ब्यास ठाकुर ने उठाया।
बागवान ने बताया कि बघेईगढ़ पंचायत के सचिव और पटवारी ने बगीचे का दौरा कर रिपोर्ट सौंप दी थी। अभी तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है।
उपनिदेशक उद्यान विभाग डॉ. प्रमोद शाह ने प्रभावित बागवान की शिकायत पढ़ने, दस्तावेज चेक करने पर उनसे पटवारी की ओर से ततिमा दस्तावेजों के साथ जमा करवाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बागवानों को मिट्टी की गुणवत्ता के आधार पर फलदार पौधे जैसे कीवी, नाशपाती, सेब के हाईडेंसी प्लांट लगाने, मधुमक्खी पालन, गेंदा समेत अन्य फूलों लगाने का परामर्श गया। बताया कि विभाग की योजनाओं के तहत अनुदान दिया जाता है।