हमीरपुर। अब सरकारी स्कूलों की कक्षाओं में सिर्फ ब्लैक बोर्ड और किताबें ही नहीं, बल्कि बच्चों के हाथों में टैबलेट भी नजर आएंगे। एजुकेशन हब हमीरपुर के 205 सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए एडेप्टिव लर्निंग सिस्टम (पीएएल) आधारित डिजिटल पढ़ाई शुरू की गई है।
माइंड स्पार्क कार्यक्रम के तहत इस व्यवस्था में टैबलेट हर विद्यार्थी की सीखने की गति और जरूरत के अनुसार शिक्षा प्रदान करेगा। एजुकेशनल इनिशिएटिव्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित इस कार्यक्रम के तहत स्कूलों में विशेष शैक्षणिक सामग्री और सॉफ्टवेयर से लैस टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं।
इन टैबलेट्स के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी और गणित की पढ़ाई डिजिटल तरीके से करवाई जाएगी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक तैयारी से जुड़ी सामग्री भी उपलब्ध होगी।
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उन विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ना है, जो सामान्य कक्षाओं में अक्सर पीछे रह जाते हैं। एडेप्टिव तकनीक बच्चों की कमजोरियों को पहचानकर उनके अनुसार अभ्यास और गतिविधियां उपलब्ध कराएगी, जिससे वे अपनी गति और समझ के अनुसार सीख सकेंगे।
माइंडस्पार्क कार्यक्रम में पारंपरिक रटने की बजाय गतिविधि-आधारित और इंटरेक्टिव शिक्षण पर जोर दिया गया है। स्क्रीन पर रंगीन चित्र, ऑडियो और छोटे-छोटे क्विज़ पढ़ाई को रोचक बनाएंगे। हिंदी में पढ़ना-समझना और सही शब्द पहचानने जैसी गतिविधियाँ कराई जाएंगी, जबकि गणित में जोड़-घटाव, पहाड़े और तर्कशक्ति आधारित सवालों का अभ्यास कराया जाएगा।
कोट
प्राथमिक स्तर पर विद्यार्थियों के आधार मजबूत करने के लिए माइंड स्पार्क कार्यक्रम शुरू किया गया है। स्कूलों में विद्यार्थियों को टैबलेट के माध्यम से पढ़ाई करवाई जाएगी।
-नवीन शर्मा, डीपीओ समग्र शिक्षा एवं उपनिदेशक गुणवत्ता नियंत्रक