चुराह (चंबा)। जिले भर में प्रसिद्ध खुंडी मराली माता की यात्रा करना अब श्रद्धालुओं के लिए सुगम होगा। चुराह प्रशासन ने दंतुई से खुंडी तक पैदल आवाजाही के लिए पक्का रास्ता बनाने का प्रस्ताव बनाने के खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए हैं।
तीन दिन तक चलने वाली जातर में हजारों श्रद्धालु जाते हैं। दंतुई से खुंडी तक 30 किलोमीटर की पैदल चढ़ाई चढ़ने के बाद श्रद्धालु खुंडी माता के डल तक पहुंचते हैं। यहां आस्था की डुबकी लगाते हैं। उपमंडल अधिकारी चुराह शशि पाल शर्मा ने बताया कि चुराह में कई ऐसे धार्मिक स्थान हैं, जो भौगोलिक परिस्थिति के तहत काफी दुर्गम इलाकों में हैं। वहां हजारों की संख्या में लोग दर्शन करने जाते हैं। ऐसे सभी धार्मिक स्थानों तक पक्का रास्ता बनाने के लिए खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खुंडी मराली की जातर जिले की सबसे बड़ी जातर मानी जाती है। इसमें जिले भर से लोग 30 किलोमीटर का पैदल सफर कर जाते हैं। उन्होंने कहा कि दंतुई से खुंडी डल झील तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को बर्फ का ग्लेशियर और पगडंडी वाले रास्ते से आवाजाही करनी पड़ती है। श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम बनाने के लिए प्रशासन प्रयास कर रहा है। यात्रा स्थल तक पैदल चलने वाला पक्का रास्ता करने के प्रयास हैं। इसके लिए खंड विकास अधिकारी को प्रस्ताव बनाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।