दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा केंद्र, 46 लाख का बजट जारी
सुंदरनगर से आएंगे अंडे, स्थानीय स्तर पर होगी चूजों की उपलब्धता
रिंपी ठाकुर
चंबा। पशुपालन के क्षेत्र में चंबा एक और नई शुरुआत की ओर बढ़ रहा है। जिले में अब चूजों का उत्पादन भी स्थानीय स्तर पर किया जाएगा।
इसके लिए सरोल में पशुपालन विभाग की ओर से हैचरी केंद्र का निर्माण करवाया जा रहा है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस केंद्र के लिए 46 लाख रुपये का बजट जारी हो चुका है और निर्माण कार्य जारी है। केंद्र के तैयार होते ही चंबा में ही चूजे तैयार करने की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। हैचरी के संचालन के लिए शुरुआती तौर पर सुंदरनगर से अंडे मंगवाए जाएंगे। इन्हीं अंडों को हैचरी में वैज्ञानिक तरीके से हैच कर चूजे तैयार किए जाएंगे। इससे चंबा के लोगों को चूजों के लिए बाहरी क्षेत्रों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। स्थानीय स्तर पर चूजे मिलने से पशुपालकों और पोल्ट्री से जुड़े लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। सरोल में प्रस्तावित हैचरी केंद्र के निर्माण पर कुल दो करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। विभाग को इसमें से 46 लाख रुपये की राशि मिल चुकी है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अब विभाग की नजर केंद्र को जल्द तैयार करने पर है। इसके शुरू होने के बाद चंबा में चूजा उत्पादन की एक नई व्यवस्था विकसित होगी।
बता दें कि पशुपालन विभाग की ओर से चंबा में मैरेनो भेड़ पालन को बढ़ावा देने के प्रयासों के बाद अब चूजा उत्पादन की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. राकेश भंगालिया ने बताया कि सरोल में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से हैचरी केंद्र तैयार किया जा रहा है। इसके लिए 46 लाख रुपये का बजट जारी हो चुका है और निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि हैचरी में चूजे तैयार करने के लिए सुंदरनगर से अंडे मंगवाए जाएंगे। केंद्र तैयार होने के बाद चंबा में ही चूजे उपलब्ध करवाने की सुविधा शुरू हो जाएगी।