चंबा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी खांसी की दवाई लेने वालों का रिकाॅर्ड अब स्वास्थ्य विभाग अपने पास रखेगा। इसके लिए जल्द ग्रामीण क्षेत्रों में केमिस्टों, आयुर्वेदिक और निजी क्लीनिक संचालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण में उन्हें ऑनलाइन खांसी की दवाई लेने वाले व्यक्ति की जानकारी साझा करने के बारे में बताया जाएगा। इसके बाद जिले के किसी भी क्षेत्र में कोई भी केमिस्ट या निजी क्लीनिक संचालक मरीज को खांसी की दवा बेचेगा तो उसकी जानकारी ऑनलाइन एप के जरिये खुद ही विभाग के पास चली जाएगी।
दवाई लेने वाले व्यक्ति को सात दिन बाद फोन कर पूछा जाएगा कि उसकी खांसी ठीक हुई या नहीं। सात दिन में यदि खांसी ठीक नहीं होगी तो उसे बलगम की जांच करवाने का परामर्श दिया जाएगा। जब तक वह व्यक्ति अपने बलगम की जांच नहीं करवा लेता, तब तक उसके फोन पर रोजाना काॅल जाती रहेगी।
टीबी मुक्त हिमाचल एप के जरिये यह सारी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस एप में खांसी की दवा खाने वाले व्यक्ति की जानकारी डालने को लेकर विभाग की तरफ से केमिस्टों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला मुख्यालय स्तर पर दवा बेचने वाले केमिस्टों को यह प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है। यह सारी प्रक्रिया खांसी की दवा की निगरानी रखने को लेकर की जा रही है।
टीबी प्रोग्राम अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने बताया कि खांसी की दवाई की निगरानी रखने के लिए टीबी मुक्त हिमाचल एप के जरिये केमिस्ट दवाई लेने वाले व्यक्ति की जानकारी ऑनलाइन साझा करेंगे। इसके लिए सभी केमिस्टों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।