चंबा। नगर परिषद ने चंबा शहर में विभिन्न जगहों पर 450 से अधिक दुकानें किराये पर दी हैं। इनसे हर माह किराया वसूला जाता है। लेकिन, बीते पांच सान से लगभग 30 दुकानदारों ने नप के पास दुकानों का किराया जमा नहीं करवाया है।
ये 30 डिफाल्टर दुकानदार नगर परिषद के 25 लाख रुपये की धनराशि पर अपनी कुंडली मारकर बैठे हैं। ऐसे में देनदारी लगातार बढ़ती जा रही है। नगर परिषद के राजस्व को भी चूना लग रहा है। अब नगर परिषद ने ऐसे दुकानदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। नगर परिषद ने इन दुकानदारों को नोटिस भेजने का निर्णय लिया है। अन्यथा दुकानों पर ताला भी लटक सकता है।
हैरानी की बात तो यह है कि दुकानों का किराया महज 700 से लेकर 2,700 रुपये तक है। वैसे तो किराये का भुगतान हर महीने किया जाता है। लेकिन, नगर परिषद की ओर से साल बाद ही एक साथ किराया लिया जाता है। लेकिन, डिफाल्टर दुकानदार पांच साल से किराया नहीं दे पा रहे हैं। हालांकि, नगर परिषद ने डिफाल्टर दुकानदारों को बार-बार किराया जमा करवाने के लिए मौखिक तौर पर अवगत करवाया है। बावजूद इसके दुकानदारों ने किराये का भुगतान नहीं किया। लेकिन, अब इसके बाद नोटिस जारी किए जाएंगे।
दुकानदारों के किराया जमा न करवाने के कारण लंबे समय से सरकारी पैसा जमा नहीं हो पाया है। अब नगर परिषद जल्द दुकानदारों को अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी में है। साथ ही नगर परिषद चंबा ने 30 डिफाल्टर दुकानदारों को चेतावनी दी है कि यदि वे समयानुसार दुकानों का किराया नहीं देंगे तो डिफाल्टर दुकानदारों की दुकानों पर ताला भी लटक सकता है।
30 डिफाल्टर दुकानदार पांच साल से दुकानों का किराया जमा नहीं करवा रहे हैं। जिनसे नप ने 25 लाख रुपये की राशि वसूलनी है। जिन्हें अब नोटिस जारी किया जाएगा। अगर फिर भी जमा नहीं करवाया तो दुकानों पर ताला भी लटक सकता है।
नीलम नैयर, अध्यक्ष, नगर परिषद चंबा